‘लव जिहाद’ रोकने के प्रयास घर से ही शुरू होने चाहिए: मोहन भागवत

‘लव जिहाद’ रोकने के प्रयास घर से ही शुरू होने चाहिए: मोहन भागवत

भोपाल, 3 जनवरी । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि तथाकथित ‘लव जिहाद’ को रोकने के प्रयास परिवार से ही शुरू होने चाहिए। उन्होंने इस दिशा में परिवारों के भीतर संवाद, महिलाओं में जागरूकता और समाज की सामूहिक प्रतिक्रिया को अत्यंत आवश्यक बताया।

आरएसएस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भागवत यहां आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। महिलाओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा के दौरान उन्होंने ‘लव जिहाद’ के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवारों को आत्ममंथन करना चाहिए कि किसी परिवार की बेटी किसी अजनबी के प्रभाव में कैसे आ जाती है। उन्होंने इसे परिवारों में संवाद की कमी का परिणाम बताया।

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए तीन स्तरों पर प्रयास जरूरी हैं। इनमें परिवारों के भीतर निरंतर और खुला संवाद, लड़कियों में जागरूकता पैदा कर उन्हें स्वयं की रक्षा के लिए सक्षम बनाना, तथा ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने सामाजिक संगठनों से भी सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज को सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया देनी होगी, तभी इसका समाधान संभव है।

भागवत ने कहा कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण सुरक्षित है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण, वैचारिक स्पष्टता और पारिवारिक व सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “वह समय बीत चुका है जब सुरक्षा के नाम पर महिलाओं को घरों तक सीमित रखा जाता था।” परिवार और समाज पुरुषों व महिलाओं के संयुक्त प्रयासों से आगे बढ़ते हैं, इसलिए दोनों का प्रबोधन आवश्यक है।

मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर बोलते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परिवार में कोई भी स्वयं को अकेला महसूस न करे। उन्होंने बच्चों पर वास्तविकता से परे अपेक्षाएं थोपने से बचने की सलाह दी और कहा कि जीवन में सफलता से अधिक महत्वपूर्ण उसका अर्थ और संतुलन है।

भागवत ने कहा कि भारत अब ‘मानसिक गुलामी’ से बाहर निकल रहा है और विश्व उम्मीदों के साथ देश की ओर देख रहा है। कार्यक्रम में आरएसएस के मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडे और विभाग संघचालक सोमकांत उमलाकर भी मंच पर उपस्थित रहे।

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