लखनऊ: निषाद पार्टी का 13वाँ संकल्प दिवस आगामी 13 जनवरी को राजधानी लखनऊ में भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर पार्टी वर्ष 2026 को निषाद समाज के लिए संकल्प, संवाद और सशक्तिकरण का वर्ष बनाने का संकल्प लेगी। यह जानकारी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने नववर्ष के अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
डॉ. संजय कुमार निषाद ने प्रेसवार्ता की शुरुआत में सभी पत्रकार बंधुओं को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए बताया कि 13 जनवरी को डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय परिसर स्थित भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार, आशियाना में पार्टी का 13वाँ संकल्प दिवस आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, जिसमें पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि 13 जनवरी से निषाद समाज के सिरमौर महाराजा गुह्यराज निषाद की जयंती तक प्रदेश के सभी जनपदों, मछुआ बाहुल्य विधानसभाओं और ग्राम सभाओं में निरंतर दौरा एवं पदयात्रा की जाएगी। इस दौरान पिछले चार वर्षों में सरकार में सहभागी बनने के बाद निषाद समाज के हित में किए गए कार्यों और योजनाओं की जानकारी सीधे समाज के लोगों तक पहुँचाई जाएगी।
डॉ. निषाद ने कहा कि यह समाज के लिए जानना आवश्यक है कि निषाद पार्टी को मिले समर्थन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में समाज के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित की गईं और उनसे समाज को क्या लाभ मिला।
प्रेसवार्ता में यह भी बताया गया कि बहन वीरांगना फूलन देवी की जयंती के अवसर पर, सरकार और संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद, उनके सम्मान में डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा की तर्ज पर अपने आवास परिसर में एक अस्थायी प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
संकल्प दिवस के अवसर पर पार्टी की कोर कमेटी द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। इसके अंतर्गत आरक्षण, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे अहम विषयों पर एक व्यापक सामाजिक गोष्ठी आयोजित करने का निर्णय लिया जाएगा। इस गोष्ठी में देशभर की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से जुड़े मछुआ समाज के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।
डॉ. संजय कुमार निषाद ने स्पष्ट किया कि यह गोष्ठी किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी, बल्कि मंथन और चिंतन के उद्देश्य से आयोजित की जाएगी। इसमें निषाद, बिंद, कश्यप और मछुआ समाज से जुड़े सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि समाज की भावी दिशा तय की जा सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस मंच पर मछुआ समाज से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर तार्किक, सकारात्मक और सार्थक विचार-विमर्श होगा, जो समाज के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
