पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 70 प्रतिशत तक युवा उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही: मोहिंद्रा

युवा कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष मोहित मोहिंद्रा

चंडीगढ़, 2 जनवरी । कांग्रेस पार्टी आगामी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में युवाओं को निर्णायक भूमिका देने की तैयारी में जुट गई है। युवा कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष मोहित मोहिंद्रा ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी 60 से 70 प्रतिशत तक “युवा उम्मीदवारों” को चुनावी मैदान में उतारने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने इसे संगठन के भीतर लोकतांत्रिक नवीनीकरण और भविष्य उन्मुख राजनीति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

मोहिंद्रा ने इस पहल का श्रेय पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को देते हुए कहा कि यह निर्णय राज्य की सामाजिक और जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व के उन देशों में शामिल है, जहां आबादी का बड़ा हिस्सा युवा है और इस जनसांख्यिकीय लाभांश का प्रतिबिंब राजनीतिक नेतृत्व में भी दिखना चाहिए।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “अब समय आ गया है कि पंजाब के जनसांख्यिकीय लाभांश का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। यदि युवाओं को नेतृत्व का अवसर दिया जाता है, तो यह न केवल राजनीति को नई ऊर्जा देगा, बल्कि शासन में जनता के विश्वास को भी मजबूत करेगा।” उन्होंने दावा किया कि इस कदम से युवा नेतृत्व के लिए लगभग 70 प्रतिशत अधिक अवसर सृजित होंगे।

मोहिंद्रा ने जोर देकर कहा कि युवा प्रतिनिधित्व अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता बन चुका है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय बेरोजगारी, नशीली दवाओं के दुरुपयोग, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और शासन के प्रति जनता के घटते विश्वास जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में युवाओं की भागीदारी से नीतियों में नवाचार और जमीनी स्तर पर बदलाव संभव हो सकता है।

उन्होंने युवाओं से आगे आकर जिम्मेदारी लेने की अपील करते हुए कहा, “युवाओं को नेतृत्व संभालना चाहिए और बेहतर पंजाब तथा मजबूत भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। राज्य को इस समय नए विचारों, नई सोच और ऊर्जा से लैस युवा नेतृत्व की आवश्यकता है।”

मोहिंद्रा ने आम आदमी पार्टी (आप) की राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने युवाओं से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि रोजगार, नशामुक्ति और सुशासन जैसे मुद्दों पर मौजूदा सरकार विफल साबित हुई है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ी है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस युवाओं को केवल चुनावी चेहरा नहीं, बल्कि नीति निर्धारण और शासन की मुख्यधारा में शामिल करना चाहती है, ताकि पंजाब को विकास और स्थिरता के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *