70% तैयार नौसेना शौर्य संग्रहालय, लखनऊ बनेगा शौर्य और तकनीक का नया केंद्र

लखनऊ, 01 अप्रैल 2026। लखनऊ के आईटी सिटी क्षेत्र में बन रहा नौसेना शौर्य संग्रहालय तेजी से आकार ले रहा है। लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही यह परियोजना भारतीय नौसेना की वीरता, तकनीक और इतिहास का भव्य प्रतीक बनकर सामने आएगी।

जहाज के स्वरूप में तैयार हो रहे इस संग्रहालय को नौसैनिक वास्तुकला के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें पोर्थोल स्टाइल खिड़कियां, जहाज जैसी रेलिंग और आधुनिक नौसेना उपकरण शामिल होंगे। इसके साथ ही परिसर में विकसित की जा रही ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का कार्य भी करीब 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

यहां आकर्षण के केंद्र के रूप में टीयू-142एम विमान और सी किंग एसके-42बी हेलीकॉप्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा आईएनएस गोमती से जुड़े मिसाइल, टारपीडो, गन और पनडुब्बी रोधी उपकरण भी संग्रहालय में पहुंच चुके हैं।

देशभक्ति और पर्यटन का नया प्रतीक
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय होगा। उन्होंने कहा कि इसे इस तरह विकसित किया जा रहा है कि आगंतुकों को वास्तविक नौसैनिक अनुभव मिल सके और नई पीढ़ी देशभक्ति व सैनिकों के बलिदान से जुड़ सके।

आधुनिक तकनीक से मिलेगा ‘लाइव’ अनुभव
संग्रहालय की खासियत इसमें इस्तेमाल हो रही आधुनिक तकनीक होगी। यहां 7डी थिएटर, एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग और वॉरशिप सिम्युलेटर, डिजिटल वॉटर स्क्रीन शो और मरीन लाइफ एक्वेरियम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आगंतुक ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज’ जैसी गतिविधियों के जरिए नौसेना के अनुभव को करीब से महसूस कर सकेंगे।

साथ ही, पुलवामा के बाद की सैन्य कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों की झलक भी यहां प्रस्तुत की जाएगी, जिससे लोगों को भारतीय नौसेना की रणनीति और पराक्रम को समझने का अवसर मिलेगा।

‘स्मृति उद्यान’ में वीर जवानों को श्रद्धांजलि
संग्रहालय परिसर में एक विशेष ‘स्मृति उद्यान’ भी विकसित किया जा रहा है, जहां देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसे शांत और प्रेरणादायक स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

पर्यटन और ज्ञान का नया हब बनेगा लखनऊ
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि यह संग्रहालय आधुनिक और इंटरएक्टिव तरीके से विकसित किया जा रहा है। यहां शोधार्थियों और छात्रों को दुर्लभ दस्तावेजों तक पहुंच मिलेगी और नियमित कार्यशालाएं व व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का तेजी से विकास हो रहा है, और यह संग्रहालय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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