लखनऊ | 1 फरवरी 2026 – केंद्रीय बजट 2026 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इस बजट को “सवालों से भागने वाला बजट” करार देते हुए कहा कि सरकार ने एक बार फिर युवाओं, किसानों और आम आदमी को ठगने का काम किया है।
संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार सत्ता में आने पर देश के युवाओं से हर साल दो करोड़ नौकरियाँ देने का वादा किया था। अब सरकार के 12 साल पूरे हो चुके हैं, ऐसे में देश का युवा 24 करोड़ नौकरियों का हिसाब मांग रहा है। उन्होंने सवाल किया कि वे नौकरियाँ कहाँ हैं जिनका वादा किया गया था और बजट में बेरोज़गारी पर कोई ठोस समाधान क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों से उनकी आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन आज हालात यह हैं कि किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहा है। संजय सिंह ने कहा कि बजट में न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी का कोई जिक्र है, न कर्ज़ माफी की बात और न ही किसानों की आमदनी बढ़ाने की कोई ठोस योजना।
काले धन के मुद्दे पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विदेशों से काला धन वापस लाने का वादा किया था, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि वह काला धन कहाँ गया और देश की जनता को उसका क्या लाभ मिला।
महंगाई को लेकर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी रसोई गैस, राशन, दवाइयों, शिक्षा और इलाज की बढ़ती कीमतों से परेशान है, लेकिन बजट में महंगाई से राहत देने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी टैक्स बढ़ाए जाते हैं, कभी घटाए जाते हैं, जिससे आम आदमी और व्यापारी दोनों भ्रम की स्थिति में हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने देश की आर्थिक व्यवस्था को पूरी तरह से तबाह कर दिया है और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह अर्थव्यवस्था पटरी पर कब और कैसे आएगी। संजय सिंह ने दावा किया कि यह बजट जवाब देने के बजाय सवालों से बचने का प्रयास है।
आम आदमी पार्टी नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस बजट को पूरी तरह खारिज करती है और सरकार से मांग करती है कि युवाओं, किसानों और आम जनता से किए गए सभी वादों का लिखित और सार्वजनिक हिसाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी संसद से लेकर सड़क तक इस जनविरोधी बजट और विफल नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
