हुसैनाबाद फूड कोर्ट को वित्तीय अनियमित्ता पर एलडीए ने किया सील

 

“एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निरीक्षण में हुआ खुलासा, नोटिस जारी करके सील की गयी बिल्डिंग”

हुसैनाबाद स्थित फूड कोर्ट को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गुरूवार को सील कर दिया। फूड कोर्ट को संचालित करने वाली निजी संस्था ने लीज की निर्धारित धनराशि जमा नहीं की थी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निरीक्षण में वित्तीय अनियमित्ता उजागर होने पर संस्था को नोटिस जारी करने के साथ ही फूड कोर्ट को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने हुसैनाबाद में फूड कोर्ट का निर्माण लगभग 10 करोड़ रूपये की लागत से कराया है। बिल्डिंग के भूतल पर 06 दुकानें व प्रथम तल पर 02 बड़े रेस्टोरेंट निर्मित हैं। प्राधिकरण ने फूड कोर्ट को आर0एफ0पी0 के माध्यम से मेसर्स अमरावती इंटरप्राइजेज को संचालन व अनुरक्षण के लिए लीज पर दिया है। जिसके हैंडओवर की प्रक्रिया 07 दिसम्बर, 2024 को की गयी थी। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि निर्धारित नियम व शर्तों के अनुसार संस्था को प्रतिवर्ष लगभग 75 लाख रूपये प्राधिकरण के कोष में जमा करने हैं। लेकिन, संस्था द्वारा वित्तीय अनियमित्ता करते हुए लीज की पूर्ण धनराशि जमा नहीं करायी गयी।

“डालीगंज चौराहे की री-मॉडलिंग के कार्य की धीमी प्रगति पर ठेकेदार को नोटिस, 22 फरवरी से खुलेगा हुसैनाबाद म्यूजियम”

गुरूवार को फूड कोर्ट के निरीक्षण के दौरान समीक्षा की गयी तो पता चला कि संस्था को लगभग 1 करोड़ 15 लाख 92 हजार रूपये जमा कराने थे। जिसके सापेक्ष मात्र 22 लाख 50 हजार रूपये ही जमा कराये गये और लगभग 93 लाख रूपये की धनराशि बकाया है। इस पर संस्था के खिलाफ नोटिस जारी की गयी है। साथ में बकाया धनराशि जमा होने तक फूड कोर्ट को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। सीलिंग के चलते सभी फूड कोर्ट में संचालित दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

हुसैनाबाद म्यूजियम अगले माह से खुलेगा
लखनऊ के हुसैनाबाद में तैयार हो रहा म्यूजियम अगले महीने से लोगों के लिए खुल जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने म्यूजियम को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गुरूवार को निर्माणाधीन म्यूजियम का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिये कि 22 फरवरी तक समस्त अवशेष कार्य पूर्ण करा लिये जाएं, जिसके बाद म्यूजियम को लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह म्यूजियम लखनऊ में आने वाले पर्यटकों के लिए बेहद खास होगा और लोग यहां लखनऊ के अलावा प्रदेश के प्रमुख स्थानों व महत्वपूर्ण धरोहरों के बारे मेेें जानकारी जुटा सकेंगे।

डालीगंज चौराहे की री-मॉडलिंग में देरी पर फटकार
उपाध्यक्ष ने डालीगंज चौराहे की री-मॉडलिंग के कार्य का भी मुआयना लिया। निरीक्षण में काम की प्रगति धीमी पायी गयी, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपाध्यक्ष ने कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाते हुए एक महीने के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में काम पूरा न होने पर संस्था के खिलाफ जुर्माना लगाने के निर्देश दिये गये हैं।

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