लखनऊ, 11 जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गजनी जैसे आतताइयों के विध्वंस के धूलधूसरित इतिहास पर आज उल्लास, सृजन और वैभव का नव-अंकुर प्रस्फुटित हो रहा है। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति की अमर शक्ति और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विजय बताया।
रविवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि श्री सोमनाथ मंदिर भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने लिखा कि बीते एक हजार वर्षों का इतिहास इस बात का प्रमाण है कि विदेशी आक्रांताओं की घृणा, कट्टरता और विध्वंस की नीति के सामने भारतीय आस्था, साहस और सृजनशीलता सदैव अडिग रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बाबा सोमनाथ का जो भव्य स्वरूप देश-दुनिया देख रही है, वह सरदार वल्लभभाई पटेल की निष्ठा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की आस्था, के.एम. मुंशी की जिजीविषा और लाखों सनातन धर्मावलंबियों के बलिदान का प्रतिफल है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनके नेतृत्व में ‘नया भारत’ आज ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के माध्यम से सनातन आस्था के सांस्कृतिक गौरव का उत्सव मना रहा है। यह पर्व इस सत्य का प्रतीक है कि सत्य को कभी पराजित नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन गौरवशाली सनातन संस्कृति के अभिवर्धन का प्रेरक उदाहरण है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व किया। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की गई।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत निकाली गई इस यात्रा में 108 अश्वों की भव्य झांकी शामिल रही, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक मानी जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित भी किया। यह आयोजन वर्ष 1026 ईस्वी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किया गया, जिसका उद्देश्य ऐतिहासिक स्मृति के साथ सांस्कृतिक स्वाभिमान को सुदृढ़ करना रहा।
