लखनऊ, 12 अक्टूबर 2025 — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को घोषणा की कि भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पटेल के योगदान को स्मरण करना और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति जनमानस में जागरूकता पैदा करना है।
मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में तीन दिवसीय 8 से 10 किलोमीटर लंबी ‘पदयात्रा’ निकाली जाएगी, जो सभी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। पदयात्रा के पूर्व स्थानीय स्तर पर निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे, जो सरदार पटेल के जीवन और उनके राष्ट्रीय योगदान पर केंद्रित होंगे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के बीच ‘नशामुक्त भारत’ की शपथ, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ जैसे अभियानों को भी इस अवसर से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, योग और स्वास्थ्य शिविर, विशेष स्वच्छता अभियान, और समाजसेवी एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा सरदार पटेल की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज का एकीकृत भारत सरदार पटेल की दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प का प्रतिफल है। स्वतंत्रता के बाद 560 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने में उनकी भूमिका अद्वितीय रही है। हर नागरिक उनके योगदान का ऋणी है।”
योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से सरदार पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाली ‘रन फॉर यूनिटी’ भी पूरे राज्य में आयोजित की जाएगी।
गौरतलब है कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। वे भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने और देश की राजनीतिक एकता को सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
सरकार की यह पहल, न केवल सरदार पटेल को श्रद्धांजलि है, बल्कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और कृतित्व से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
