सपा सांसद जियाउर्रहमान के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई रोक

प्रयागराज (उप्र), 29 अक्टूबर  – इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद जियाउर्रहमान के खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी है। यह मुकदमा आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था।

याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि प्रस्तुत रिकॉर्ड और याचिकाकर्ता के वकील की दलीलों पर विचार करने के बाद यह मामला विचार योग्य प्रतीत होता है। अदालत ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए अगली सुनवाई की तिथि 8 दिसंबर तय की है। तब तक मुरादाबाद के सिविल जज (एमपी/एमएलए कोर्ट) में लंबित इस मामले की कार्यवाही पर रोक रहेगी।

याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी कि जियाउर्रहमान के खिलाफ मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 (मतदान दिवस पर जनसभा आयोजित करने पर प्रतिबंध) के तहत दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल पर केवल यह आरोप लगाया गया है कि 21 अप्रैल 2024 को रात लगभग पौने ग्यारह बजे उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर आचार संहिता का उल्लंघन किया था।

वकील ने तर्क दिया कि लगाए गए सभी आरोप झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों को सही भी मान लिया जाए, तो भी संबंधित धाराओं के तहत उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता।

राज्य की ओर से उपस्थित अपर महाधिवक्ता ने याचिकाकर्ता के तर्कों का विरोध किया, लेकिन अदालत में प्रस्तुत तथ्यों को लेकर कोई ठोस आपत्ति नहीं दर्ज करा सके।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, “रिकॉर्ड और प्रस्तुत दलीलों पर विचार करने के बाद यह प्रतीत होता है कि मामले पर गहन विचार आवश्यक है।” इसके साथ ही अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।

यह मामला अब 8 दिसंबर को पुनः सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

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