संभल जामा मस्जिद बनाम हरिहरनाथ मंदिर मामले की सुनवाई 3 दिसंबर तक स्थगित

संभल (उप्र), 6 नवंबर : उत्तर प्रदेश के संभल जिले की स्थानीय अदालत ने जामा मस्जिद बनाम हरिहरनाथ मंदिर मामले की सुनवाई को उच्चतम न्यायालय द्वारा कार्यवाही पर रोक लगाए जाने के कारण 3 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। अदालत ने यह निर्णय गुरुवार को सुनवाई के दौरान दिया।

अधिवक्ताओं के अनुसार, यह मामला संभल की शाही जामा मस्जिद पर हरिहरनाथ मंदिर के स्वामित्व दावे से संबंधित है। मुस्लिम पक्ष ने पहले मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने 19 मई को निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा और मामले की सुनवाई जारी रखने के निर्देश दिए थे।

हालांकि, अब उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके चलते दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) आदित्य सिंह की अदालत ने सुनवाई स्थगित करते हुए अगली तारीख 3 दिसंबर तय की है।

मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया, “मामला वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में लंबित है और 7 नवंबर को वहां इसकी सुनवाई निर्धारित है। इसलिए निचली अदालत ने अगली सुनवाई 3 दिसंबर को तय की है।”

वहीं, हिंदू पक्ष के अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने कहा कि अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही रोकने का निर्णय लिया है।

यह विवाद पिछले वर्ष तब शुरू हुआ जब हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने जिला अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि शाही जामा मस्जिद परिसर वास्तव में प्राचीन हरिहरनाथ मंदिर की भूमि पर बना हुआ है। इसके बाद अदालत ने 19 और 24 नवंबर, 2024 को मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण का आदेश दिया था।

24 नवंबर को हुए सर्वेक्षण के दौरान क्षेत्र में हिंसक झड़पें हुई थीं, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क, मस्जिद समिति के अध्यक्ष जफर अली और 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

फिलहाल, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के कारण निचली अदालत की सुनवाई स्थगित है और अगली कार्यवाही अब 3 दिसंबर को होगी।

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