विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, गडकरी सहित तमाम नेताओं ने जताया शोक

नागपुर/मुंबई, 28 जनवरी । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन से देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। पुणे जिले में बारामती के पास बुधवार सुबह हुई विमान दुर्घटना में 66 वर्षीय अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। इस घटना को न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह खबर स्तब्ध करने वाली, दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि राकांपा नेता अजित पवार के साथ उनका अत्यंत घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध रहा है।
गडकरी ने कहा, “राज्य विधानमंडल में वर्षों तक साथ काम करने के दौरान मेरी अजित दादा से गहरी मित्रता रही। उनकी प्रशासनिक कुशलता, विकास की स्पष्ट दृष्टि और लोगों से सीधे जुड़ने की क्षमता ने महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें एक विशिष्ट स्थान दिलाया, जिसे कोई और नहीं ले पाएगा।” उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध इस जननेता की असमय मृत्यु पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी अजित पवार के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि बारामती के पास विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री की मृत्यु अत्यंत दुखद है और उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि अजित पवार सभी के दिलों में विशेष स्थान रखते थे और कठिन परिस्थितियों का डटकर सामना करने की क्षमता रखते थे। उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए स्तब्ध करने वाली घटना बताया।

राज्य के ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे ने कहा कि अजित पवार की मृत्यु से राज्य में एक बड़ी रिक्तता उत्पन्न हुई है और महाराष्ट्र ने विकास के लिए निरंतर प्रयास करने वाले एक नेता को खो दिया है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति ने एक काबिल नेता खो दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही अजित पवार की राजनीति की शुरुआत शरद पवार के सानिध्य में हुई हो, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और उनकी राजनीति जातिवाद से परे रही।

राकांपा नेता और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि अजित पवार उनके सबसे मजबूत सहयोगी थे और उन्होंने कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। राकांपा के छत्रपति संभाजीनगर जिला अध्यक्ष सतीश चव्हाण ने कहा कि उन्होंने अपना “भगवान” खो दिया है और राजनीति में उन्हें लाने वाले अजित पवार ही थे।

शिवसेना (उबाठा) के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे ने कहा कि अजित पवार अत्यंत अनुशासित व्यक्ति थे और सत्ता में रहते हुए भी जरूरत पड़ने पर विपक्ष के साथ सहयोग करने से पीछे नहीं हटते थे।

एआईएमआईएम के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि राज्य ने एक कुशल प्रशासक को खो दिया है, जो अपनी निर्णायक क्षमता के लिए जाने जाते थे।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र की प्रगति और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी मृत्यु राज्य के लिए बड़ी क्षति है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने भी इस हादसे को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक बताया और कहा कि अजित पवार का सार्वजनिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा।

अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं मानी जा रही है।

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