विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस विपक्ष में बैठेगी: शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी

चंचल (पश्चिम बंगाल), 2 जनवरी । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में होगी और भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन—एसआईआर) प्रक्रिया से चुनावी परिणामों की स्पष्ट झलक मिल रही है।

मालदा जिले के चंचल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में अप्रैल के बाद तृणमूल कांग्रेस विपक्षी पार्टी बन जाएगी। जनता बदलाव का मन बना चुकी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस राज्य में भ्रम फैलाने का काम कर रही है और यह झूठा प्रचार कर रही है कि भाजपा सत्ता में आने पर ममता बनर्जी सरकार की महिलाओं को वित्तीय सहायता देने वाली योजनाओं को बंद कर देगी।

अधिकारी ने कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो वर्तमान योजनाओं से बेहतर और पारदर्शी कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच मतों का अंतर मात्र 40 लाख था, जबकि एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से अब तक 58 लाख नाम हटाए जा चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि पहले चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं थीं।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मकर संक्रांति के बाद मालदा का दौरा कर सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज होगी। उन्होंने वक्फ (संशोधन) अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बावजूद यह कानून राज्य में लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि यह अधिनियम पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि कानून लागू हो चुका है।”

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व मतों के लिए विभाजनकारी राजनीति और मुसलमानों के तुष्टिकरण में लिप्त है, जबकि भाजपा राज्य में शांति, विकास और सुशासन चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में गुजरात जैसा औद्योगिक विकास और उत्तर प्रदेश व बिहार जैसी सुदृढ़ कानून-व्यवस्था लागू करना चाहती है।

केंद्र सरकार द्वारा राज्य को आवास और मनरेगा योजनाओं के लिए धन न देने के आरोपों को खारिज करते हुए अधिकारी ने कहा कि इन योजनाओं के लिए भेजी गई राशि को अनधिकृत लाभार्थियों द्वारा हड़प लिया गया। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा की सरकार बनती है तो प्रत्येक पात्र लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए तीन लाख रुपये दिए जाएंगे।

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