लखनऊ, 19 फरवरी (RNN)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि वाराणसी में गंगा नदी पर संचालित सभी सरकारी और निजी क्रूज निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है और बिना तथ्यात्मक आधार के प्रश्न उठाना उचित नहीं है।
समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सदन में वाराणसी में संचालित सरकारी एवं निजी क्रूज की संख्या, उनके संचालन मानकों और संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखने की मांग की थी। इस पर मंत्री ने विस्तृत उत्तर देते हुए बताया कि वाराणसी में वर्तमान में पांच सरकारी और दो निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इन क्रूज के संचालन के लिए निर्धारित मानक भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा तय किए गए हैं और उनके अनुपालन की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और संचालन संबंधी सभी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।
चर्चा के दौरान आशुतोष सिन्हा ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और वर्तमान स्थिति पर अतिरिक्त जानकारी मांगी। इसके जवाब में जयवीर सिंह ने बताया कि छह दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर प्राधिकरण से संबंधित कानून लागू किया गया, जिसमें परिवहन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर 2024 से संबंधित अग्रिम प्रशासनिक और संचालनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
सदन में उस समय हलचल बढ़ गई जब मंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस विषय में समाचार पत्रों और समाचार चैनलों में व्यापक जानकारी प्रकाशित हो चुकी है और यदि संबंधित सदस्य थोड़ा अध्ययन कर लेते तो यह प्रश्न उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उनके इस बयान पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके कारण कुछ समय के लिए सदन में हंगामा भी हुआ।
मंत्री ने चर्चा के दौरान पर्यटन से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत करते हुए वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में वाराणसी में 5,44,355 घरेलू और 3,34,860 विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि वर्तमान समय में यह संख्या बढ़कर 17 करोड़ 27 लाख 52 हजार 631 से अधिक हो चुकी है। उन्होंने इस वृद्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पर्यटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों को दिया।
सरकार का कहना है कि गंगा नदी पर क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार संतुलित और सुरक्षित ढंग से हो सके।
