वन जीवन का आधार, प्रकृति के संतुलन का एक महत्वपूर्ण आयाम प्रस्तुत करता है : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 21 मार्च । योगी आदित्यनाथ ने वन और पर्यावरण संतुलन पर विशेष जोर देते हुए शनिवार को कहा कि वन जीवन का आधार हैं और प्रकृति के संतुलन का एक महत्वपूर्ण आयाम प्रस्तुत करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘अरण्य समागम’ के तहत ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ विषयक राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ग्लोबल वार्मिंग’ और ‘ग्लोबल कूलिंग’ जैसी समस्याएं मानवता के लिए नई चेतावनी हैं।

योगी आदित्यनाथ ने एक कहावत का उल्लेख करते हुए कहा, “भारत की ऋषि परंपरा में सदैव कहा गया है कि दस कुओं के समान एक बावड़ी, 10 बावड़ियों के समान एक तालाब, 10 तालाबों के समान एक पुत्र और 10 पुत्रों के समान एक वृक्ष होता है।”

मुख्यमंत्री ने वृक्षों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “प्रकृति में वृक्ष की महत्ता सर्वोपरि मानी गई है। यदि वन हैं तो जल है, जल है तो वायु है और यदि वायु है तो जीवन है। जीवन की कल्पना इनके बिना नहीं की जा सकती।”

उन्होंने कहा कि इस वर्ष ‘वन और अर्थव्यवस्था’ को मुख्य विषय के रूप में रखा गया है, जो यह संकेत देता है कि वनों के माध्यम से आर्थिक विकास और मानव कल्याण की दिशा में बेहतर ढंग से कैसे आगे बढ़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की वैदिक परंपरा से लेकर आज तक प्रकृति के साथ संतुलन का संदेश दिया गया है, लेकिन आधुनिक दौर में प्रकृति के साथ हो रहे खिलवाड़ के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “धरती हमारी माता है और हम सब उसके पुत्र हैं। प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह धरती के सम्मान, सुरक्षा और संरक्षण के लिए सजग रहे।”

योगी आदित्यनाथ ने लोगों से वनों के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा, “आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, तब वनों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि वन महोत्सव के अवसर पर पहले वर्ष जहां 5.5 करोड़ पौधरोपण हुआ था, वहीं गत वर्ष एक ही दिन में 37 करोड़ पौधे प्रदेश भर में लगाए गए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष भी 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जो बढ़कर 40 से 45 करोड़ तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कार्बन नेट-जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी’ लागू की गई है और राज्य में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाधिक ई-रिक्शा भी उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं और अयोध्या को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

समारोह को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और वन राज्य मंत्री केपी मलिक ने भी संबोधित किया।

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