नई दिल्ली, 20 जनवरी । रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत-2 ट्रेनों के टिकट रद्द करने पर सख्त रिफंड नियम लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत यदि इन ट्रेनों के ‘कन्फर्म’ टिकट निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले रद्द किए जाते हैं, तो यात्रियों को कोई धनवापसी नहीं मिलेगी।
रेल मंत्रालय की 16 जनवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार, यदि कन्फर्म टिकट 72 घंटे से पहले रद्द किया जाता है तो किराए का 25 प्रतिशत रद्दीकरण शुल्क लिया जाएगा। वहीं, प्रस्थान समय से 72 घंटे से लेकर आठ घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर 50 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। आठ घंटे से कम समय शेष रहने पर रिफंड शून्य होगा।
रेलवे ने इसके लिए रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है। अन्य ट्रेनों की तुलना में इन दोनों श्रेणियों के लिए नियम अधिक सख्त रखे गए हैं। सामान्य ट्रेनों में यदि कन्फर्म टिकट प्रस्थान समय से चार घंटे से कम समय पहले रद्द किया जाता है, तभी रिफंड नहीं मिलता है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-2 ट्रेनों में प्रत्येक यात्री को निश्चित बर्थ की गारंटी दी जाती है। किसी समूह या परिवार को या तो पूरी संख्या में बर्थ मिलती हैं या बिल्कुल नहीं, जबकि अन्य ट्रेनों में आंशिक बर्थ आवंटन संभव होता है। इसी कारण इन ट्रेनों के लिए रद्दीकरण नियम सख्त किए गए हैं।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि 2026 में शुरू होने वाली अमृत भारत ट्रेनों को ‘अमृत भारत-2’ नाम दिया गया है और ये सभी नए नियम उन पर लागू होंगे। रेलवे के अनुसार, 17 और 18 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिन वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-2 ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई, उन सभी पर यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
