नई दिल्ली, 10 अक्टूबर — हिन्दी सिनेमा की महान अभिनेत्री रेखा के 71वें जन्मदिन के अवसर पर फिल्म निर्माता मुजफ्फर अली ने 1981 की क्लासिक फिल्म ‘उमराव जान’ में उनके अविस्मरणीय अभिनय को याद करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अली ने कहा कि उमराव जान का किरदार निभाने के लिए जितनी भावनात्मक गहराई और नजाकत की जरूरत थी, उसे रेखा ने अद्भुत शिद्दत के साथ पर्दे पर साकार किया।
फिल्म ‘उमराव जान’ मिर्जा हादी रुसवा के प्रसिद्ध उर्दू उपन्यास पर आधारित एक पीरियड ड्रामा है, जिसमें रेखा ने तवायफ और शायरा उमराव जान की भूमिका निभाई थी। यह किरदार एक मासूम लड़की अमीरन की कहानी कहता है, जिसे बचपन में अगवा कर लखनऊ के कोठे में बेचा जाता है और वहां वह उमराव जान बनकर संगीत और नृत्य में माहिर होती है।
मुजफ्फर अली ने बातचीत में कहा, “रेखा से बेहतर यह किरदार कोई नहीं निभा सकता था। वह इस भूमिका की आत्मा में पूरी तरह रच-बस गई थीं। आज भी जब मैं उमराव जान को देखता हूं, तो उसमें सिर्फ रेखा नजर आती हैं। वह सिर्फ उमराव जान को निभा नहीं रहीं थीं, बल्कि जी रही थीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि रेखा की आंखों की जादूगरी और भावों की गहराई ने इस किरदार को अमर बना दिया। “रेखा आज भी उमराव जान हैं। उन्होंने न सिर्फ उस किरदार को जीवंत किया, बल्कि खुद को उसमें ढाल भी लिया,” अली ने कहा।
‘उमराव जान’ को चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले थे, जिसमें रेखा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार भी शामिल है। इस कालजयी फिल्म को इस वर्ष जून में सिनेमाघरों में फिर से प्रदर्शित किया गया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा।
