श्रीनगर, 13 अक्टूबर । जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में राज्यसभा की चार रिक्त सीटों के लिए आगामी चुनाव यह स्पष्ट कर देंगे कि कौन से राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ खड़े हैं और कौन उसके खिलाफ।
उमर ने श्रीनगर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 2021 से खाली पड़ी चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 24 अक्टूबर को होने हैं और इन नतीजों से भाजपा के समर्थन या विरोध की सच्चाई सामने आ जाएगी।
उन्होंने कहा, “इस चुनाव से साफ हो जाएगा कि कौन भाजपा का समर्थक है और कौन उसका विरोधी। पिछले एक साल में किसी भी दल ने खुलकर भाजपा को समर्थन नहीं दिया है। भाजपा के पास खुद इतनी ताकत नहीं है कि वह अपने दम पर एक भी सीट जीत सके।”
यदि भाजपा को कोई सीट मिलती है, तो उमर अब्दुल्ला के अनुसार, वह केवल “धनबल, बाहुबल और एजेंसियों के दुरुपयोग” की वजह से संभव होगा।
उमर ने बताया कि नेकां ने अब तक राज्यसभा के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं और चौथी सीट पर भी वह अपना उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस से समर्थन की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी की राय अलग थी।
नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के सक्रिय राजनीति से पीछे हटने की अटकलों को खारिज करते हुए उमर ने कहा, “वह जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े और देश के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक हैं। यदि वह चुनाव लड़ना चाहें, तो उन्हें रोकने की हिम्मत किसी में नहीं।”
बडगाम और नगरोटा उपचुनावों के बारे में पूछे जाने पर उमर ने कहा कि उम्मीदवारों के नाम समय पर घोषित किए जाएंगे।
