शाहजहांपुर। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “सड़क सुरक्षा मित्र एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम” के अंतर्गत एक सप्ताह तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ माय भारत कार्यालय में किया गया। यह कार्यक्रम एआरटीओ कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जिला युवा अधिकारी मयंक भदौरिया ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सड़क सुरक्षा नियमों, सुरक्षित यातायात व्यवहार और दुर्घटनाओं की रोकथाम से संबंधित व्यावहारिक जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी और वे समाज में सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
प्रशिक्षण सत्र में संभागीय निरीक्षक विकास यादव और माल एवं कर अधिकारी आर. पी. गौतम ने प्रतिभागियों को यातायात नियमों, सड़क संकेतों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, ओवरस्पीडिंग के दुष्प्रभाव तथा सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
वहीं ट्रैफिक पुलिस के मोहम्मद यूसुफ, राकेश त्यागी और अजयपाल सैनी ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा स्वयंसेवक “सड़क सुरक्षा मित्र” के रूप में आम लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।
इस दौरान लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सोनम सचान, रिंकू गौतम, अमित श्रीवास्तव, दिव्यांशी मिश्रा, आकांक्षा मिश्रा, वैष्णवी सक्सेना, रुद्र प्रताप, देवेश कुमार, सूरज शर्मा, नीतीश यादव, हिमांशु सक्सेना, रामबहोरे, साहिल खान और शगुन सक्सेना सहित कई माय भारत स्वयंसेवक तथा एआरटीओ कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
