मोदी ने एस्टोनिया के राष्ट्रपति, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की

नयी दिल्ली, 18 फरवरी- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस के साथ एक ”शानदार” बैठक की तथा विशेष रूप से भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की।

मोदी ने कहा कि उन्होंने भविष्य की प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा प्रबंधन, कौशल विकास और अन्य क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस के साथ एक शानदार बैठक हुई, जिस देश ने प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

हमने अपनी आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की, विशेष रूप से भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में, जो एक ऐतिहासिक समझौता है।” एस्टोनिया के प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मैंने नरेन्द्र मोदी के साथ, बदलती वैश्विक व्यवस्था और नयी प्रौद्योगिकी के लोकतंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में चर्चा की।

मैंने रूस द्वारा जीवाश्म र्इंधन के आयात में कटौती किये जाने और यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ाने के भारत के कदम का स्वागत किया।” कारिस ने कहा कि भारत का वैश्विक प्रभाव बढ़ रहा है और यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से इसे और मजबूती मिली है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने क्रोएशियाई समकक्ष आंद्रेज प्लेनकोविक के साथ भी बैठक की और प्रौद्योगिकी, नवाचार, जहाज निर्माण और समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को गति देने के तरीकों पर चर्चा की। मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ एफटीए के लिए प्लेनकोविक के व्यक्तिगत समर्थन को लेकर आभार व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ”क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक के साथ सार्थक चर्चा हुई।

हमने प्रौद्योगिकी, नवाचार, जहाज निर्माण, समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को गति देने के तरीकों पर चर्चा की।” प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कजाकिस्तानी समकक्ष ओलझास बेकतेनोव से मुलाकात के बाद, ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”प्रधानमंत्री ओलझास बेकतेनोव से आज मुलाकात हुई। उनकी यात्रा से भारत-कजाकिस्तान रणनीतिक साझेदारी और प्रगाढ़ होगी।”

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