मुख्यमंत्री योगी ने मेरठ खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया, मई 2026 तक सत्र शुरू करने के निर्देश

मेरठ (उप्र), 22 जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को मेरठ के सलावा क्षेत्र में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों व कार्यदायी संस्थाओं को हर हाल में 31 मई, 2026 तक विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में देश में खेलों को लेकर सोच और व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ तथा जनप्रतिनिधियों से जुड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं ने युवाओं में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह पैदा किया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार गांव से लेकर जिले तक खेल अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। ग्रामीण खेल लीग और विधायक खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने मेरठ की ऐतिहासिक और क्रांतिकारी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘एक जिला, एक उत्पाद’ जैसी महत्वपूर्ण पहल को भी इस क्षेत्र से नई दिशा मिली है। इसी पृष्ठभूमि में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए मेरठ का चयन किया गया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का क्षेत्रफल पहले 90 एकड़ निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर 100 एकड़ कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में 250 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, विश्वविद्यालय में कुछ पाठ्यक्रमों की शुरुआत पहले ही हो चुकी है और आगामी शैक्षणिक सत्र से नियमित कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। यहां 12 विभिन्न खेल विधाओं से संबंधित डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि खेल विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाने के लिए योग्य और अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव मिल सके।

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