लखनऊ, 01 फरवरी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क निधि प्रबन्धन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण एवं रखरखाव को राज्य के आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण, औद्योगिक विस्तार और जनसुविधाओं का आधार बताते हुए सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े पुराने कार्य लंबित न रहें और प्रत्येक परियोजना का परिणाम तय समयसीमा के भीतर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना और वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा की गई।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक वर्ष अप्रैल के अंत तक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर उसका अनुमोदन करा लिया जाए। विभागों को हेड-वाइज एलोकेशन प्रारंभ से ही सुनिश्चित करने तथा आवश्यक आंतरिक संशोधनों को समय रहते स्वीकृत कराने को कहा गया, ताकि विकास कार्य बाधित न हों।
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण में नई तकनीक अपनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कम लागत में अधिक टिकाऊ और लंबी आयु वाली तकनीकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि ओवरलोड ट्रक और डंपरों का संचालन पूरी तरह रोका जाए। साथ ही, भारी वाहनों के चालकों की स्वास्थ्य जांच नियमित अंतराल पर अनिवार्य रूप से कराई जाए, जिससे थकान या असावधानी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने सड़क निर्माण और रखरखाव के दौरान सभी सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य सड़क निधि प्रबन्धन समिति की बैठकें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम दो बार आयोजित की जाएं, ताकि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण से संबंधित प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों से प्राप्त कर उन्हीं के आधार पर समिति अपनी कार्ययोजना तैयार करे, जिससे योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुरूप हों।
बैठक में ओवरलोड वाहनों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय निकायों की व्यवस्था के अनुसार पार्किंग सुविधाएं सुनिश्चित कराने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क मरम्मत और नए निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता वाले, पारदर्शी और जनता को वास्तविक राहत देने वाले हों।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश की सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय प्रगति होगी और प्रदेश के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
