नयी दिल्ली, 12 फरवरी – कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए, मुकदमा चलाए या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाए, वह किसानों की लड़ाई लड़ना नहीं छोड़ेंगे।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ और अपने व्हाट्सएप चैनल पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, “कोई भी ऐसा व्यापार समझौता जो किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। किसान-विरोधी मोदी सरकार को अन्नदाताओं के हितों से समझौता नहीं करने देंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने “देश के अन्नदाताओं को उनके खून-पसीने सहित अमेरिका के हाथों बेच दिया है।” राहुल गांधी ने कहा कि पहले सरकार ने अपने “अरबपति मित्रों” के लिए कृषि कानून लाने की कोशिश की थी और अब अमेरिका के साथ समझौते के जरिए भारतीय कृषि क्षेत्र को विदेशी उत्पादों के लिए खोल रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रस्तावित व्यापार समझौते में अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने की बात कही गई है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि कपास, सोयाबीन, ज्वार, फल और सूखे मेवों के उत्पादक पहले ही संकट में हैं।
राहुल गांधी के अनुसार, भारत के 99.5 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत हैं, जिन्हें पर्याप्त समर्थन या सब्सिडी नहीं मिलती, जबकि अमेरिका में बड़े पैमाने पर मशीनों से खेती होती है और वहां के किसानों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है। उन्होंने कहा, “सस्ती और सब्सिडी वाली अमेरिकी खेती से मुकाबला करने को मजबूर किया गया तो भारतीय किसान टिक नहीं पाएगा।”
उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि इस समझौते को लेकर न किसानों से परामर्श किया गया और न ही संसद को पूरी जानकारी दी गई। “सालों से कहा गया कि किसानों की आय दोगुनी करेंगे, लेकिन अब किसानों के भविष्य को ही दांव पर लगा दिया गया है,” उन्होंने कहा।
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों और देश की खाद्य सुरक्षा की रक्षा के लिए “सड़क से संसद तक” संघर्ष करेगी।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार शाम संसद परिसर में कांग्रेस के लोकसभा सदस्यों के साथ बैठक कर इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का निर्देश दिया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सांसदों ने मौजूदा बजट सत्र में विपक्ष की भूमिका और राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना की।
