नयी दिल्ली, 28 जनवरी — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई गति देगा और ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते और भारत द्वारा पूर्व में किए गए व्यापार समझौतों से लाखों भारतीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अनगिनत अवसर पैदा होंगे।
दिल्ली छावनी के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) प्रधानमंत्री रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ एफटीए को दुनिया के अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में गिना जा रहा है। उनके अनुसार, यह समझौता भारतीय युवाओं को अपनी आकांक्षाओं को साकार करने की स्वतंत्रता देगा और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस एफटीए से फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, संगीत और डिजाइन जैसे रचनात्मक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही आईटी, अनुसंधान, शिक्षा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर सृजित होंगे। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य लगभग दो अरब लोगों का साझा बाजार तैयार करना है।
मोदी ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए समझौतों में सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग के साथ-साथ यूरोप में भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही से जुड़ा एक अहम करार भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह एफटीए वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक-चौथाई और विश्व व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा कवर करेगा।
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर शुल्क शून्य या बहुत कम हो जाएगा। इससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न-आभूषण, जूते, इंजीनियरिंग सामान और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों को लाभ होगा तथा बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को यूरोपीय संघ के 27 देशों के विशाल बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।
उन्होंने कहा कि एफटीए से भारत में निवेश बढ़ेगा, जिससे इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन और फार्मा जैसे क्षेत्रों में नए विनिर्माण संयंत्र स्थापित होंगे। इसके साथ ही कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और मत्स्य पालन के लिए भी सुनिश्चित बाजार तैयार होंगे, जिससे किसानों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
एनसीसी रैली के दौरान मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया भारत के युवाओं को कौशल और संस्कार के कारण भरोसे की नजर से देख रही है। उन्होंने दोहराया कि यह युवाओं के लिए अधिकतम अवसरों का समय है और सरकार का प्रयास है कि वे इन अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर एनसीसी कैडेटों की परेड के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। प्रधानमंत्री ने ‘परमवीर सागर यात्रा’ का प्रतीकात्मक समापन करते हुए कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का भाव मजबूत कर रही है।
