कोलंबो। भारतीय महिला टीम ने रविवार को दृष्टिबाधित टी20 महिला विश्व कप फाइनल में नेपाल को सात विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। यह दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट का पहला विश्व कप आयोजन था।
फाइनल में पहले बल्लेबाजी करने का मौका नेपाल को मिला, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें 114 रन पर पांच विकेट खोकर रोक दिया। जवाब में भारत ने महज 12 ओवरों में तीन विकेट पर 117 रन बनाकर खिताब अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम का दबदबा इतना था कि नेपाल की बल्लेबाजों ने केवल एक चौका ही लगाया।
भारत की ओर से फुला सरेन नाबाद 44 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रही। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था, जबकि नेपाल ने पाकिस्तान को मात दी थी।
टीमों की शुरुआती प्रदर्शन की बात करें तो सह-मेजबान श्रीलंका ने पांच मैचों में सिर्फ एक मुकाबला (अमेरिका के खिलाफ) जीता। पाकिस्तान की बी3 (आंशिक रूप से दृष्टिबाधित) खिलाड़ी मेहरीन अली टूर्नामेंट की सबसे सफल बल्लेबाज रही। उन्होंने छह टीमों के इस टूर्नामेंट में 600 से अधिक रन बनाए, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ 78 गेंदों में खेली गई 230 रनों की पारी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 133 रनों की पारी शामिल है।
इस जीत के साथ भारत ने न केवल पहला दृष्टिबाधित महिला टी20 विश्व कप अपने नाम किया, बल्कि दृष्टिबाधित क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने का संदेश भी दिया।
