भारत ने तीसरे वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर सीरीज़ का समापन शानदार अंदाज़ में किया। कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली की दमदार पारियों की बदौलत टीम इंडिया ने 237 रन का लक्ष्य मात्र 38.3 ओवर में हासिल कर लिया। हालांकि, तीन मैचों की यह सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से अपने नाम की, लेकिन इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों का प्रदर्शन काबिल-ए-तारीफ रहा।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 46.4 ओवर में 236 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत शानदार रही। ओपनर रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी की। गिल 39 रन बनाकर जोश हेजलवुड की गेंद पर आउट हुए। इसके बाद मैदान पर उतरे विराट कोहली ने कप्तान रोहित के साथ मिलकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
दोनों अनुभवी बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 170 गेंदों में 168 रन की नाबाद साझेदारी हुई। इस साझेदारी की बदौलत भारत ने आसानी से जीत हासिल की। रोहित शर्मा ने शानदार कप्तानी पारी खेलते हुए 125 गेंदों पर नाबाद 121 रन बनाए, जिसमें 13 चौके और तीन छक्के शामिल थे। वहीं, विराट कोहली ने 81 गेंदों में नाबाद 74 रन की पारी खेली और अंत तक क्रीज़ पर डटे रहे।
इस मुकाबले में रोहित और कोहली ने वनडे इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह इन दोनों की संयुक्त रूप से 12वीं बार 150+ रन की साझेदारी थी। इसके साथ ही उन्होंने दिग्गज जोड़ी सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली, जिन्होंने अपने करियर में 12 बार 150 से ज्यादा रन की साझेदारी की थी।
रोहित शर्मा ने अपनी इस शतकीय पारी के दौरान कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हासिल कीं। यह ऑस्ट्रेलिया में उनका छठा वनडे शतक था, जिससे वे वहां सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में विराट कोहली और कुमार संगकारा (दोनों के 5-5 शतक) को पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह रोहित का नौवां वनडे शतक था।
भारत की इस जीत में गेंदबाजों ने भी अहम भूमिका निभाई। तेज़ गेंदबाजों और स्पिनरों ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया। आखिरकार, रोहित-कोहली की जोड़ी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब ये दोनों फॉर्म में हों, तो किसी भी टीम के लिए भारत को हराना नामुमकिन हो जाता है।
