नई दिल्ली, 09 जनवरी — भारत ने शुक्रवार को अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक की उस टिप्पणी को गलत बताया जिसमें कहा गया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो सका क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मोदी और ट्रंप ने 2025 में आठ बार फोन पर बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष उस समय भी संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की बातचीत कर चुके थे।
जायसवाल ने कहा, “कई मौकों पर हम समझौते के बेहद करीब पहुँच चुके थे। लटनिक के बयान में इस प्रक्रिया का सही चित्रण नहीं किया गया है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका दोनों इस समझौते को पूरा करने के इच्छुक हैं।
भारत ने बताया कि 13 फरवरी, 2025 को व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक के बाद व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी। उस समय एक बड़ी बाधा तब उत्पन्न हुई जब अमेरिका ने भारत पर रूस से कच्चे तेल की खरीद के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क और अन्य 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया।
अधिकारियों ने कहा कि पिछले वर्ष ऐसा कोई अवसर नहीं आया जब केवल एक फोन कॉल से व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता। लटनिक ने ब्रिटेन के साथ हुए समझौते का उदाहरण देते हुए कहा था कि भारत के मामले में ट्रंप ने मोदी को फोन करने की आवश्यकता बताई थी, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया।
भारत ने स्पष्ट किया कि यह कथन वास्तविक स्थिति का सही प्रतिबिंब नहीं है। भारत-अमेरिका संबंध कई अन्य मुद्दों पर भी तनावपूर्ण हैं, जिनमें टैरिफ, नई अमेरिकी आव्रजन नीति और भारत-पाकिस्तान संबंध शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को पूरा करने में गंभीरता से लगे हुए हैं और इसे अंतिम रूप देने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
