पटना, 5 नवंबर : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस चरण में कुल 3.75 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 1,314 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत तय करेंगे। इस चरण में राजनीतिक गहमागहमी चरम पर है, क्योंकि प्रमुख नेताओं और मंत्रियों की किस्मत भी सीधे तौर पर दांव पर लगी है।
विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की कोशिश में हैं। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सतीश कुमार हैं, जिन्होंने 2010 में तेजस्वी की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पराजित किया था। राघोपुर से जुड़ी महुआ सीट पर तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव बहुकोणीय मुकाबले में हैं। यहां राजद विधायक मुकेश रौशन, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संजय सिंह और निर्दलीय उम्मीदवार आसमा परवीन भी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
पहले चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के 16 मंत्री भी चुनावी दौड़ में हैं। इनमें भाजपा से 11 और जद(यू) से पांच मंत्री शामिल हैं। भाजपा में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे (सीवान), उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (तारापुर) और विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय) प्रमुख चेहरे हैं। जद(यू) के पांच मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मदन सहनी, महेश्वर हजारी और रत्नेश सदा भी मैदान में हैं।
चुनाव में कुछ सीटें विशेष रूप से चर्चा में हैं। सीवान में भाजपा नेता और मंत्री मंगल पांडे पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी से है। वहीं, रघुनाथपुर सीट पर बाहुबली और पूर्व सांसद मो. शाहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा शहाब चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने उनकी उम्मीदवारी को “जंगलराज की वापसी” का प्रतीक बताते हुए विपक्ष पर हमला बोला है।
अन्य चर्चित उम्मीदवारों में युवा लोक गायिका मैथिली ठाकुर (भाजपा), भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव (राजद) और गायक रितेश पांडे (जन सुराज पार्टी) शामिल हैं। मोकामा सीट भी खास है, जहां जेल में बंद जद(यू) उम्मीदवार अनंत सिंह का मुकाबला राजद की वीणा देवी से है।
निर्वाचन आयोग ने पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान की घोषणा की है। इनमें सबसे अधिक मतदाता दीघा (पटना) में 4.58 लाख और सबसे कम बरबीघा (शेखपुरा) में 2.32 लाख हैं। सबसे ज्यादा प्रत्याशी कुरहनी और मुजफ्फरपुर में 20-20 हैं, जबकि भोरे, अलौली और परबत्ता में केवल पांच-पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए कुल 45,341 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें से 36,733 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
इस चरण में 10.72 लाख नए मतदाता हैं, जबकि 18-19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता 7.38 लाख हैं। आयोग ने बूथों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग, नई वीआईएस पर्ची और ईवीएम नेट ऐप जैसी सुविधाएं लागू की हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।
मतदान का समय छह विधानसभा सीटों पर एक घंटे कम कर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे किया गया है, जबकि बाकी 115 सीटों पर मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1.98 करोड़ पुरुष, 1.76 करोड़ महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
हाल में हुए विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या 7.24 करोड़ हो गई है, जो इससे पहले की संख्या से करीब 60 लाख कम है। पहले चरण के मतदान में न सिर्फ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के उम्मीदवार बल्कि कई मंत्री और चर्चित नेताओं की किस्मत भी तय होगी। इस चरण का नतीजा अगले चरणों की राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।
