पटना, 6 नवंबर । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान गुरुवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि शाम तक प्राप्त प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार लगभग 64.46 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह प्रतिशत अब तक प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है और अंतिम आंकड़ा इससे कुछ अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
गुंजियाल ने जानकारी दी कि राज्य भर में कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से 41,943 केंद्रों से ही मतदान का विवरण प्राप्त हुआ है। शेष केंद्रों से आंकड़े मिलने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदान प्रक्रिया कुल मिलाकर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रही। कुछ स्थानों से छिटपुट घटनाओं की खबरें मिलीं, लेकिन कहीं से भी किसी बड़ी गड़बड़ी या हिंसा की सूचना नहीं है।
इस चरण में राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ। इनमें पटना, गया, औरंगाबाद, नवादा, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, कैमूर, भोजपुर, रोहतास, जहानाबाद, नालंदा, बांका, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, अरवल और बक्सर जिले शामिल हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगहों पर युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के मतदान कर सकें।
राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार, मतदाताओं की संख्या लगभग 3.75 करोड़ है। इस बार महिलाओं और युवा मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहे।
पहले चरण के मतदान के साथ ही राज्य में चुनावी प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि किस पार्टी को जनता का जनादेश मिलता है। शेष चरणों का मतदान आगामी तिथियों पर होगा, जबकि मतगणना आयोग की घोषणा के अनुसार निर्धारित दिनांक को की जाएगी।
पहले चरण का उच्च मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत है कि बिहार के मतदाता लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और राज्य के भविष्य को लेकर सजग हैं।
