ढाका/नई दिल्ली, छह जनवरी – बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार को कहा कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या “राजनीतिक प्रतिशोध” के कारण अवामी लीग के इशारे पर की गई थी। इस मामले में पुलिस ने 17 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोपपत्र दाखिल किया है।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) की खुफिया शाखा के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शफीकुल इस्लाम ने बताया कि हादी ने सार्वजनिक रैलियों और सोशल मीडिया के माध्यम से अवामी लीग और छात्र लीग की पिछली गतिविधियों की कड़ी आलोचना की थी। उनकी मुखर टिप्पणियों से छात्र लीग और उससे जुड़े संगठनों के नेता एवं कार्यकर्ता नाराज थे।
आरोपपत्र में नामजद 17 आरोपियों में से 12 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पांच अभी भी फरार हैं। हादी हत्याकांड के मुख्य संदिग्ध फैजल करीम मसूद छात्र लीग से सीधे जुड़े थे। इस्लाम ने कहा कि हादी की हत्या के बाद मसूद और एक अन्य प्रमुख संदिग्ध आलमगीर शेख को भागने में मदद करने का आरोप तैजुल इस्लाम चौधरी ‘पल्लबी थाना छात्र लीग’ अध्यक्ष और अवामी लीग द्वारा मनोनीत वार्ड पार्षद पर है।
हादी, जो 32 वर्ष के थे, जुलाई-अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन में सुर्खियों में आए थे। उन्हें 12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली लगी थी। इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर 2025 को उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप जांच के दौरान साबित हो गए, जिसके बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया। इस्लाम ने स्पष्ट किया कि हादी की हत्या राजनीतिक प्रतिशोध के चलते की गई थी और इसमें अवामी लीग के कुछ नेताओं की भूमिका भी सामने आई है।
