शाहजहांपुर/जलालाबाद। भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए दो महत्वपूर्ण मांगों को तत्काल प्रभाव से पूरा करने की अपील की। पहली मांग जलालाबाद तहसील के रौली बौली गांव की कब्जामुक्त कराई गई म्रगत (श्मशान) भूमि को स्थायी सुरक्षा प्रदान करने की है, जबकि दूसरी मांग जलालाबाद कस्बे में स्टेट हाईवे पर फल व्यापारियों द्वारा किए जा रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने से संबंधित है।
ज्ञापन में बताया गया कि रौली बौली गांव की श्मशान भूमि पर बीते कई दशकों से अवैध कब्जे होते रहे। कब्जेदारों ने न केवल भूमि पर अतिक्रमण किया, बल्कि पक्के आवासीय निर्माण भी खड़े कर दिए थे। हिंदू संगठनों द्वारा लगातार शिकायतों और कार्रवाई की मांग के बाद प्रशासन ने 10 नवंबर को बड़ी कार्यवाही करते हुए लगभग 40 से 45 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर भूमि को मुक्त कराया। संगठन ने इस कार्रवाई के लिए जिला और तहसील प्रशासन का आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जब तक इस भूमि पर स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, दोबारा कब्जे की आशंका बनी रहेगी। इसी क्रम में बजरंग दल ने मलबा हटवाकर तुरंत बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग दोहराई, ताकि म्रगत भूमि सुरक्षित रह सके।
ज्ञापन की दूसरी प्रमुख मांग जलालाबाद कस्बे के गुन्नारा मोड़ से मैन चौराहे तक स्टेट हाईवे पर व्याप्त फल व्यापारियों के अतिक्रमण को लेकर की गई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि नगर में पहले से ही एक नवीन उप मंडी स्थल निर्धारित है, फिर भी बड़े ट्रकों को सड़क पर खड़ा करके फल उतारने और वहीं व्यापार करने का सिलसिला जारी है। इसके कारण प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्कूली बच्चों, राहगीरों और आम जनमानस को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। साथ ही सरकार को होने वाले राजस्व नुकसान पर भी चिंता जताई गई।
बजरंग दल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जनभावनाओं और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन देने वालों में विवेक मिश्रा नाहिल, मुनिराज सिंह, विपिन सिंह छोटू, अमित दीक्षित, अजय सिंह चंदेल, संदीप राठौर, अभिषेक सिंह, शक्ति सिंह, अमित कुमार एडवोकेट, प्रशांत वर्मा एडवोकेट, मनोज वर्मा एडवोकेट, आकाश कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
