शिमला, 13 अक्टूबर :- कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को शिमला में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों की उपेक्षा कर रही है, विशेषकर आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश को पर्याप्त सहायता नहीं दी गई।
प्रियंका गांधी ने यह टिप्पणी छह बार के मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण के बाद आयोजित रैली को संबोधित करते हुए की। वीरभद्र सिंह की छह फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण सोनिया गांधी ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित दौलत सिंह पार्क में किया।
रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा, “मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल ने जब आपदा का सामना किया, तब केंद्र सरकार से बार-बार मदद मांगी गई, लेकिन कोई ठोस सहायता नहीं मिली। यह कांग्रेस शासित राज्यों के प्रति भेदभाव को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनाव जीतने में रुचि रखती है, न कि जनहित में कार्य करने में। प्रियंका ने कहा कि देश को महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और वीरभद्र सिंह जैसे नेताओं की जरूरत है, जिन्होंने जनसेवा को प्राथमिकता दी।
प्रियंका ने वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका लोगों से जुड़ाव और विनम्र व्यवहार कांग्रेस की परंपरा का प्रतीक था, जिसे मुख्यमंत्री सुक्खू ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने युवाओं से पहाड़ों और पर्यावरण को बचाने का आह्वान भी किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी “हमारे पूर्वजों के संजोए सपनों को पूरा करने” के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सच्ची सोच और ईमानदार राजनीति आवश्यक है। उन्होंने भाई राहुल गांधी को निडर नेता बताया जो जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरभद्र सिंह को “सड़क, बिजली और विकास का प्रतीक” बताया और कहा कि वे लोगों के बीच जमीन से जुड़े नेता थे। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी वीरभद्र सिंह के योगदान को याद किया।
प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम का आयोजन उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह द्वारा किया गया, जो राज्य के लोक निर्माण मंत्री हैं। प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वी सुतार और उनके बेटे द्वारा किया गया, जिनका नाम ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ से जुड़ा है।
इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, सचिन पायलट, दीपेंद्र हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मद्देनज़र शिमला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और शहर को पांच सुरक्षा क्षेत्रों में बांटा गया था।
