पटना, 15 अक्टूबर – जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बुधवार को साफ किया कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने यह निर्णय पार्टी के व्यापक हित में लिया है ताकि संगठन को मज़बूती दी जा सके और पूरी ऊर्जा पार्टी को चुनाव में सफल बनाने में लगाई जा सके।
‘पीटीआई-भाषा’ से विशेष बातचीत में किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी या तो शानदार जीत दर्ज करेगी या फिर बड़ी हार का सामना करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर पार्टी को 150 से कम सीटें मिलती हैं, चाहे वह 120 हों या 130, तो वह इसे हार ही मानेंगे। किशोर ने दावा किया कि अगर जन सुराज पार्टी को जनता का भरपूर समर्थन मिला तो यह न केवल बिहार की राजनीति बल्कि देश की दिशा को भी बदल सकता है।
प्रशांत किशोर ने बताया कि पार्टी ने तय किया है कि वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मैं चुनाव लड़ता तो संगठनात्मक कार्यों से मेरा ध्यान हट जाता, जो इस समय सबसे ज़रूरी है। यही कारण है कि राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव के खिलाफ पार्टी ने किसी अन्य उम्मीदवार को उतारा है।”
चुनाव के बाद त्रिशंकु विधानसभा की संभावना को खारिज करते हुए किशोर ने कहा कि या तो जनता उन्हें स्पष्ट बहुमत देगी या पूरी तरह नकार देगी। उन्होंने कहा, “अगर हमें जीत मिलती है, तो हम बिहार को देश के टॉप 10 विकसित राज्यों में शामिल करने की दिशा में काम करेंगे। अगर जनता भरोसा नहीं जताती, तो हम समाज और सड़क की राजनीति जारी रखेंगे।”
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
