प्रमुख सचिव राजस्व ने एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया

आपदा पूर्व चेतावनी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत कार्यों को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश

लखनऊ, 7 जनवरी 2026। प्रमुख सचिव राजस्व श्रीमती अपर्णा यू ने बुधवार को राहत आयुक्त संगठन तथा एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली, गतिविधियों और तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र में उपयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर, पोर्टल, निगरानी प्रणाली और अर्ली वार्निंग सिस्टम की कार्यप्रणाली को परखा। उन्होंने टेली-कॉलर्स और तैनात अधिकारियों से संवाद कर उनके दायित्वों एवं कार्य निष्पादन की जानकारी भी प्राप्त की।

श्रीमती अपर्णा यू ने राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा संचालित पोर्टल के माध्यम से कंबल वितरण, अलाव और रैन बसेरों की दैनिक मॉनिटरिंग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निराश्रित एवं आश्रयविहीन व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर रैन बसेरों में ठहराया जाए। उन्होंने आपदा न्यूनीकरण से जुड़ी परियोजनाओं में पूर्व से आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट प्रस्ताव अभी से तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने राहत आयुक्त कार्यालय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्र भरे जाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रतिनियुक्ति से संबंधित रिक्त पदों के लिए सिंचाई, अग्निशमन, चिकित्सा, पीएसी, पुलिस और नगर विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
इस अवसर पर राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर याशोद ने बताया कि प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करने संबंधी विज्ञापन जारी किया जा चुका है और संबंधित विभागाध्यक्षों को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए पत्र भेजे गए हैं। इस संबंध में आपदा से जुड़े पदों पर तैनाती हेतु सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है।

प्रमुख सचिव ने राहत आयुक्त कार्यालय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को वार्षिक कार्य योजना तैयार कर उसके अनुरूप कार्य निष्पादित करने के निर्देश दिए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के संबंध में उन्होंने नेपाल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में संचालित आपातकालीन केंद्रों का अध्ययन कर उनकी श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) को उत्तर प्रदेश में अपनाने पर बल दिया। साथ ही, उन राज्यों के आपातकालीन केंद्रों के अध्ययन के निर्देश भी दिए, जहां उत्तर प्रदेश जैसी आपदाएं आती हैं और नवीनतम तकनीकों का प्रभावी उपयोग हो रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता पर जोर देते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि आमजन को ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। प्रभावी हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकाधिक पौधारोपण तथा सरकारी एवं निजी भवनों में एलईडी लाइटों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रभावी उपायों का प्रशिक्षण दिया जाए। प्रमुख सचिव ने कहा कि आपदा नियंत्रण और प्रबंधन में नवीनतम तकनीकों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि आपदा पूर्व चेतावनी, त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

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