प्रधान न्यायाधीश पर हमले के विरोध में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ मार्च

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर — सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई पर हाल में हुए हमले के प्रयास और दलितों पर बढ़ते अत्याचारों के खिलाफ भारतीय युवा कांग्रेस ने बुधवार को ‘आई लव आंबेडकर’ मार्च का आयोजन किया। इस मार्च का उद्देश्य संविधान, सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों के प्रति समर्थन जताना और हालिया घटनाओं के खिलाफ आवाज़ उठाना था।

मार्च की अगुवाई युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने की। यह मार्च दिल्ली के मौजपुर चौक से शुरू होकर इटा चौक तक पहुंचा, जिसमें बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान की प्रति और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें थाम रखी थीं, साथ ही ‘जय भीम’, ‘संविधान बचाओ’, और ‘आई लव आंबेडकर’ जैसे नारे लगाए।

चिब ने इस मौके पर कहा, “देश के संविधान और इंसानियत पर बार-बार हमला हो रहा है, खासकर जब से भाजपा सत्ता में आई है। प्रधान न्यायाधीश पर हमला और रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, ये दोनों घटनाएं लोकतंत्र और मानवता पर गहरा धब्बा हैं।”

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि “आरएसएस ने पिछले 100 वर्षों में नफरत के जो बीज बोए, भाजपा अब उन्हें खाद-पानी देकर मजबूत कर रही है।”

युवा कांग्रेस ने कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल दलितों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे संविधान और उसके मूल मूल्यों—न्याय, समानता और भाईचारे—के खिलाफ हमला हैं। चिब ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मानसिकता और वैचारिक हमलों के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी।

मार्च के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी भी रही। मार्च शांतिपूर्ण रहा और इसे एक प्रतीकात्मक प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है जो देश में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए युवाओं की भागीदारी को दर्शाता है।

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