नयी दिल्ली, छह जनवरी । जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र संघ से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा की गई “अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ” नारेबाजी के वीडियो का गंभीर संज्ञान लिया है। विश्वविद्यालय ने कहा कि इस तरह के कृत्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जानबूझकर अनादर को दर्शाते हैं और यह लोकतांत्रिक असहमति की मर्यादाओं के विपरीत है।
जेएनयू ने दिल्ली पुलिस से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वसंत कुंज (उत्तर) थाना प्रभारी को लिखे पत्र में बताया गया कि सोमवार रात करीब 10 बजे जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) से जुड़े छात्रों ने “गुरिल्ला ढाबे के साथ प्रतिरोध की रात” नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया था। प्रारंभ में यह कार्यक्रम पांच जनवरी 2020 की घटना की स्मृति में आयोजित किया गया प्रतीत हुआ, जिसमें लगभग 30 से 35 छात्र शामिल थे।
हालांकि, पत्र में कहा गया कि उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं से जुड़े न्यायिक फैसलों के बाद कार्यक्रम का स्वरूप बदल गया और कुछ प्रतिभागियों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाए।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा जारी बयान में कहा गया, “इस तरह की नारेबाजी लोकतांत्रिक असहमति से कोसों दूर है और जेएनयू की आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे सार्वजनिक व्यवस्था, परिसर में सद्भाव और विश्वविद्यालय तथा राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।” बयान में यह भी कहा गया कि कुछ नारों से सीधे तौर पर उच्चतम न्यायालय की अवमानना का मामला बनता है।
जेएनयू प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो का सक्षम प्राधिकारी ने गंभीर संज्ञान लिया है और विश्वविद्यालय की सुरक्षा शाखा को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। बयान में वर्तमान जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति मिश्रा सहित कई छात्रों का नाम लेते हुए कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान बार-बार इस तरह की नारेबाजी की गई।
प्रशासन ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनावश्यक गतिविधियों से दूर रहें और परिसर में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करें। चेतावनी दी गई है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में विश्वविद्यालय के प्रावधानों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
