ब्राह्मणत्व के पुनर्जागरण और विश्व शांति के लिए विराट आध्यात्मिक आयोजन
शाहजहांपुर। विश्वव्यापी आतंकवाद के शमन, विश्व शांति और हिंदू राष्ट्र निर्माण के महाउद्देश्य को लेकर राजस्थान के पुष्कर में आगामी 8 मार्च से 19 अप्रैल तक शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस विराट आध्यात्मिक अनुष्ठान में देशभर से लगभग 50 लाख ब्राह्मणों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
महायज्ञ के प्रचार-प्रसार और वैचारिक संवाद के क्रम में शाहजहांपुर के विसरात स्थित परशुराम धाम में ब्राह्मण समाज की एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। भीषण ठंड के बावजूद समाज के लोग बड़ी संख्या में गोष्ठी में शामिल हुए। हरिशरण बाजपेई के आवाहन पर पूरे परिसर में जय परशुराम के जयघोष गूंज उठे, जिससे वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान बन गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए स्वामी प्रखर जी महाराज ने कहा कि ब्राह्मण समाज की वास्तविक पहचान उसकी साधना, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन में निहित है। उन्होंने दैनिक गायत्री पाठ, संध्या वंदन और सात्विक जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इन्हीं माध्यमों से समाज का खोया हुआ तेज पुनः जागृत किया जा सकता है। स्वामी जी ने सभी ब्राह्मण बंधुओं से महायज्ञ में सहभागिता कर राष्ट्र और विश्व कल्याण के संकल्प को सशक्त करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. विजय पाठक, डॉ. संजय पाठक, डॉ. सत्यप्रकाश मिश्रा, डॉ. राकेश दीक्षित, डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ला, जितिन तिवारी, श्रीधर शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख राजेश अवस्थी, कौशल मिश्रा, ज्ञानेश बाजपेई, निर्विकल्प द्विवेदी, नीरज बाजपेई, हरिसुमरन दीक्षित, मुकेश दीक्षित, मनुज दीक्षित, अजय मिश्रा, राजेश शुक्ला, अनिल बाजपेई ‘बाण’, के.के. शुक्ल, अंकुर शुक्ला, सुमन अग्निहोत्री, सुधांशु मिश्रा, चुन्नू तिवारी, संजीव अवस्थी, अशोक मिश्रा, विनय शर्मा, वरुण शुक्ला, आलोक मिश्रा, सोनल त्रिपाठी, प्रणय शर्मा, अरविंद बाजपेई, गौरव मिश्रा, संजय मिश्रा (पूर्व एलएलसी), केशव मिश्रा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
