न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अमरावती के पास न्यायिक अकादमी और तिरुपति में नए अदालत परिसर की रखी आधारशिला

अमरावती/तिरुपति, 1 मार्च: भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को आंध्र प्रदेश में न्यायिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने अमरावती के निकट पिचुकलापलेम में प्रस्तावित न्यायिक अकादमी की नींव रखी और इससे पहले तिरुपति जिले में नए अदालत परिसर का शिलान्यास किया।

आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अमरावती के पास बनने वाली न्यायिक अकादमी का निर्माण लगभग 165 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस अत्याधुनिक परिसर में प्रत्येक बैच में 120 प्रशिक्षु न्यायाधीशों के लिए शैक्षणिक, आवासीय और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रस्तावित ढांचे में एक शैक्षणिक ब्लॉक, छात्रावास, इनडोर खेल सुविधाएं और अन्य आवश्यक अवसंरचनाएं शामिल होंगी। कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 2.05 लाख वर्ग फुट होगा।

परिसर में बेसमेंट पार्किंग, दोपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग जोन, साइकिल और पैदल पथ, चालकों के लिए छात्रावास तथा सर्विस क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। यह अकादमी आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय से लगभग 5.7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी और 50 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ी रहेगी।

इस अवसर पर एन. चंद्रबाबू नायडू, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर तथा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी, पी.एस. नरसिम्हा, प्रशांत कुमार मिश्रा, एस.वी.एन. भट्टी और जॉयमाल्या बागची भी उपस्थित रहे।

इससे पहले प्रधान न्यायाधीश ने तिरुपति जिले में प्रस्तावित 16 अदालती भवनों वाले नए न्यायालय परिसर की आधारशिला रखी। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने उन्हें औपचारिक सलामी दी। बाद में उन्होंने भूमि पूजन में भाग लिया और शिलापट्ट का अनावरण किया।

राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से न्यायिक प्रशिक्षण और न्यायालयीन कार्यप्रणाली को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने में मदद मिलेगी, जिससे न्याय वितरण प्रणाली की क्षमता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।

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