नेकां को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित करने से पहले बात करनी चाहिए थी: कांग्रेस

श्रीनगर, 13 अक्टूबर : कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर ने सोमवार को कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) को जम्मू-कश्मीर में आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने से पहले सभी समान विचारधारा वाले दलों को विश्वास में लेना चाहिए था।
अनंतनाग जिले में पत्रकारों से बातचीत में मीर ने विश्वास जताया कि कोई भी गैर-भाजपा विधायक चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों को वोट नहीं देगा।

जम्मू-कश्मीर से 2021 से रिक्त पड़ी चार राज्यसभा सीट को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे। इसके अलावा, पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) सदस्य संजीव अरोड़ा के इस्तीफे से रिक्त हुई राज्यसभा सीट को भरने के लिए भी 24 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे।

मीर ने कहा, “मुख्यमंत्री को राज्यसभा चुनाव के लिए अपने (नेकां) उम्मीदवारों के नाम घोषित करने से पहले समान विचारधारा वाले सभी दलों को विश्वास में लेना चाहिए था।”

उन्होंने कहा, “88 सदस्यीय सदन में 60 गैर-भाजपा विधायक हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इन 60 में से एक भी वोट नहीं मिलेगा। वे आंतरिक समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनके लिए अपनी पार्टी को संभालना मुश्किल हो रहा है।”
मीर ने कहा कि कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए अपने गठबंधन सहयोगी नेकां से सुरक्षित सीट मांगी थी, लेकिन पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

उन्होंने कहा, “हम पहली तीन सीट पर उम्मीदवार उतारना चाहते थे, लेकिन उन्होंने हमें चौथी सीट की पेशकश की, जो सुरक्षित नहीं है। इसलिए, कांग्रेस ने चौथी सीट पर उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया।”
पंद्रह फरवरी, 2021 से ही राज्यसभा में जम्मू कश्मीर का प्रतिनिधित्व नहीं है, जिस दिन गुलाम नबी आजÞाद और नजÞीर अहमद लावे का कार्यकाल समाप्त हुआ था। दो अन्य सदस्यों, फैयाज अहमद मीर और शमशीर सिंह मन्हास का उसी वर्ष 10 फरवरी को कार्यकाल पूरा हो गया।

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