नड्डा ने केंद्रीय बजट को बताया ‘जन-केंद्रित, दूरदर्शी’

नयी दिल्ली, एक फरवरी – केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को केंद्रीय बजट को ‘जन-केंद्रित, कल्याणकारी व दूरदर्शी’ बताते हुए इसकी सराहना की और कहा कि यह भारत के आर्थिक विकास को एक नई दिशा देता है, जो देश को विकसित बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है।
राज्यसभा में सदन के नेता ने कहा कि यह एक ‘समावेशी और व्यापक’ बजट है, जो देश के युवाओं को समर्पित है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 53.5 लाख करोड़ रुपये के बजट को पेश करते हुए विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों, वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए कर छूट और कृषि व पर्यटन क्षेत्रों के लिए प्रोत्साहनों की घोषणा की।
इस बजट को बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच विकास को बनाए रखने के लिए एक दीर्घकालिक योजना के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा ने कहा कि यह ‘जन-केंद्रित, कल्याणकारी और दूरदर्शी’ बजट है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा देता है।
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप है।
नड्डा ने कहा कि इस बजट का प्राथमिक उद्देश्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति के तहत सभी को समान अवसर प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक नागरिक की आशाओं व आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके तथा उन्हें देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनाया जा सके।
उन्होंने कहा, “निस्संदेह, यह बजट गांवों, गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के विकास के लिए एक खाका प्रस्तुत करता है, साथ ही औद्योगिक परिवर्तन को भी गति प्रदान करता है।”
नड्डा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में “सबसे तेज गति” से प्रगति कर रही है और एक “उज्ज्वल भविष्य” की ओर निरंतर अग्रसर है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री ने कहा, “इस क्रांतिकारी बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।”
नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की यह प्रतिबद्धता कि स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक तक पहुंचें, इस बात से स्पष्ट है कि पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 176 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1,05,000 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन पिछले वर्ष के बजट की तुलना में लगभग नौ प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा कि इस बजट में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है, जो एक स्वागत योग्य कदम है।

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