नगर निकायों में ट्रांसजेंडरों को पार्षद के रूप में शामिल करने का सुझाव: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, 12 जनवरी । तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को आगामी नगरपालिका चुनावों में ट्रांसजेंडरों को नगर निकायों में पार्षद के रूप में शामिल किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे ट्रांसजेंडर समुदाय का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा और वे शहरी प्रशासन से जुड़े अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकेंगे।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘डे केयर सेंटरों’ के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से अपील की कि नगर निगमों में सह-विकल्पित पार्षदों के रूप में ट्रांसजेंडरों को मनोनीत किया जाए। उन्होंने कहा, “नगर निकाय चुनाव नजदीक हैं। यदि प्रत्येक नगर निगम में एक ट्रांसजेंडर को पार्षद के रूप में मनोनीत किया जाता है, तो उन्हें विधायी निकायों में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।”

रेवंत रेड्डी ने जिला परिषदों और नगरपालिकाओं में अल्पसंख्यकों को सदस्य के रूप में शामिल किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी तर्ज पर ट्रांसजेंडरों को भी नागरिक निकायों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि इस प्रस्ताव पर अगले मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि तेलंगाना सरकार पहले ही हैदराबाद पुलिस आयुक्तालय और अन्य सरकारी विभागों में ट्रांसजेंडरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा चुकी है। इसके अलावा, हैदराबाद में ट्रांसजेंडरों को यातायात सहायक के रूप में नियुक्त किया गया है, जिसे उन्होंने समावेशी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रणाम’ कार्यक्रम के तहत स्थापित किए जा रहे ‘डे केयर सेंटर’ देश में अपनी तरह के पहले केंद्र हैं। उन्होंने चिंता जताई कि कई बुजुर्गों को उनके बच्चों द्वारा उपेक्षित किया जा रहा है। इसे देखते हुए सरकार आगामी बजट सत्र में एक विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 से 15 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी और यह राशि सीधे माता-पिता के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी।

रेवंत रेड्डी ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार बजट सत्र के दौरान एक समग्र स्वास्थ्य नीति पेश करेगी, ताकि तेलंगाना के सभी नागरिकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को संशोधित मोटर चालित वाहन, बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिलें तथा अन्य सहायक उपकरण भी वितरित किए।

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