पटना, 11 जनवरी – राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर लोकतंत्र को “धन तंत्र” और “मशीन तंत्र” में बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी नहीं, बल्कि बिहार की जनता हार गई।
यूरोप के दौरे के बाद पटना लौटने के बाद यादव ने कहा कि उन्होंने राजग सरकार के कामकाज पर 100 दिनों तक चुप रहने का संकल्प लिया है, ताकि देखा जा सके कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करती है या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया, “पिछले साल हुए चुनावों में जनता हारी और व्यवस्था जीत गई। राजग नेताओं ने लोकतंत्र को धनतंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया।”
तेजस्वी यादव ने हालांकि विस्तार से नहीं बताया, लेकिन उनके इशारे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को 10,000 रुपये के वितरण की ओर थे। उन्होंने कहा कि “षड्यंत्र रचा गया और चुनाव धोखे के जरिए जीता गया।”
यादव ने सरकार की योजनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हम सकारात्मक राजनीति करते हैं। इसलिए मैं 100 दिनों तक मौजूदा सरकार के फैसलों पर कुछ नहीं कहूंगा। देखते हैं हमारी माताओं और बहनों को दो लाख रुपये कब मिलते हैं। एक करोड़ युवाओं को रोजगार कब मिलेगा? हर जिले में 4-5 कारखाने लगाने की बात हुई थी। देखते हैं क्या होता है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10,000 रुपये वितरित किए गए और सफल उद्यमियों को दो लाख रुपये तक की राशि देने की योजना बनाई गई थी।
तेजस्वी यादव की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और राजग सहयोगी चिराग पासवान ने कहा कि राजद को यह समझने की जरूरत है कि जनता ने उन्हें नकार दिया है। उन्होंने कहा, “वास्तविकता यह है कि जनता उनके कार्यकाल के दौरान व्याप्त जंगल राज को अभी तक नहीं भूली है। ऐसे में वे अपनी हार के लिए व्यवस्था को क्यों दोषी ठहराते हैं?”
पासवान ने यह भी दावा किया कि राजद कई वर्षों से लगातार चुनाव हार रहा है और 2005 के बाद अकेले चुनाव जीतने की कल्पना भी नहीं कर सकता। उन्होंने विपक्षी नेता से अपनी पार्टी की हार पर मंथन करने का आग्रह किया।
