तेजप्रताप यादव ने अखिलेश यादव को किया ‘अनफॉलो’, टूटते रिश्तों ने बदली सियासी तस्वीर

पटना/लखनऊ, 30 सितम्बर 2025 – देश की क्षेत्रीय राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ देखने को मिला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर अनफॉलो कर दिया है। यह कदम सिर्फ डिजिटल दूरी नहीं, बल्कि दोनों नेताओं के बीच सियासी रिश्तों में आई दरार का प्रतीक बन गया है।

क्या है मामला?

तेजप्रताप यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने अखिलेश यादव को अनफॉलो और ब्लॉक क्यों किया। तेजप्रताप के अनुसार, जब अखिलेश यादव ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को लेकर हाल ही में पटना आए थे, तो उन्होंने तेजप्रताप के फोन कॉल का जवाब नहीं दिया

तेजप्रताप ने कहा:
“मैंने उनके होटल में अपने आदमी को भेजा था, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। जब कोई इज्जत नहीं देता तो हम भी उसे इज्जत देना बंद कर देते हैं। इसलिए उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और X पर अनफॉलो कर दिया।”

कभी गहरी दोस्ती, अब सार्वजनिक दूरी

तेजप्रताप और अखिलेश यादव के बीच पहले बेहद मधुर संबंध रहे हैं। कई बार दोनों नेताओं की तस्वीरें, वीडियो कॉल की क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल होती रही हैं। दो महीने पहले ही दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें अखिलेश यादव ने तेजप्रताप को लखनऊ बुलाया था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि तेजप्रताप सपा के साथ मिलकर बिहार में सपा का विस्तार कर सकते हैं।

लेकिन अब, हालिया घटनाक्रम ने इन अटकलों पर ब्रेक लगा दिया है।

तेजप्रताप की नई पार्टी और बदले तेवर

तेजप्रताप यादव अब अपनी अलग राजनीतिक पार्टी के साथ सक्रिय हैं और चुनाव प्रचार में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब फिर से आरजेडी में वापसी नहीं करेंगे। इससे यह भी संकेत मिलते हैं कि वे अब स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं।

गठबंधन राजनीति पर असर

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश भर में विपक्षी दलों के बीच महागठबंधन और एकता की कोशिशें चल रही हैं। सपा और आरजेडी, दोनों ही प्रमुख विपक्षी दल ‘इंडिया गठबंधन’ का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में तेजप्रताप की नाराज़गी और उनका सपा से दूरी बनाना राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को कमजोर करने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है।

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