तमिलनाडु–पुडुचेरी दौरे पर जाएंगे प्रधानमंत्री, 7,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण

नई दिल्ली, 27 फरवरी (RNN)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार, 1 मार्च को तमिलनाडु और पुडुचेरी का दौरा करेंगे, जहां वे सड़क, रेल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस दौरान वे तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटरों का भी लोकार्पण करेंगे, जिससे प्रसारण सेवाओं का विस्तार होगा।

प्रधानमंत्री शनिवार रात चेन्नई पहुंचेंगे और रविवार सुबह अपने कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। वे लगभग पौने 12 बजे पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी सेवाओं, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सतत विकास को सुदृढ़ करना है।

पुडुचेरी में ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत ई-बस परिचालन, स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आवास तथा जलापूर्ति व अपशिष्ट जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत होगी। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कराईकल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और छात्रावास का उद्घाटन तथा जवाहरलाल आयुर्विज्ञान संस्थान जेआईपीएमईआर में क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण का लोकार्पण किया जाएगा। पांडिचेरी विश्वविद्यालय के नए भवन और छात्रावास भी राष्ट्र को समर्पित होंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री मदुरै पहुंचकर 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वे अरुलमिगु सुब्रमण्यस्वामी मंदिर तिरुप्परनकुंद्रम में पूजा-अर्चना भी करेंगे। तमिलनाडु में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आठ पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन, चेन्नई बीच–चेन्नई एग्मोर चौथी रेल लाइन का लोकार्पण तथा प्रसारण विस्तार के लिए कुंभकोणम, येरकॉड और वेल्लोर में एफएम रिले ट्रांसमीटरों का शुभारंभ होगा।

पुडुचेरी में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए करासूर–सेदरापेट औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जहां फार्मा, टेक्सटाइल और आईटी पार्क स्थापित किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, ग्रामीण सड़कों और मैंग्रोव संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।

सरकार का मानना है कि इन पहलों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी तथा दक्षिण भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

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