मुंबई, 6 अक्टूबर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सोमवार को तीन पैसे की गिरावट के साथ 88.82 पर बंद हुआ, जो अब तक का सर्वकालिक निचला स्तर है। डॉलर की वैश्विक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते रुपये पर दबाव बना रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 88.75 पर खुला और दिन के कारोबार के अंत में 88.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले सत्र के मुकाबले तीन पैसे कमजोर रहा। शुक्रवार को रुपया 88.79 पर बंद हुआ था। इससे पहले 30 सितंबर को भी रुपया 88.80 के स्तर पर पहुंचा था, जो उस समय तक का न्यूनतम स्तर था।
मिराए एसेट शेयरखान के मुद्रा एवं जिंस विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि, “डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से रुपये पर दबाव बना। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार की मजबूती और डॉलर की समग्र कमजोरी से रुपये को कुछ समर्थन मिल सकता है। आने वाले दिनों में डॉलर/रुपया 88.50 से 89 के बीच रह सकता है।”
डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.73% की बढ़त के साथ 98.43 पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.61% बढ़कर 65.58 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जिससे आयातकों की डॉलर मांग बढ़ी और रुपये पर और दबाव पड़ा।
इस बीच, घरेलू शेयर बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेंसेक्स 582.95 अंक चढ़कर 81,790.12 पर और निफ्टी 183.40 अंक की बढ़त के साथ 25,077.65 पर बंद हुआ।
एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) अब भी बिकवाल बने हुए हैं। शुक्रवार को उन्होंने 1,583.37 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की, जिससे रुपये की स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
