डेरी उत्पादकों के लिए चारे पर सब्सिडी की सीमा बढ़ाए केरल सरकार: प्रियंका गांधी

वायनाड, 22 जनवरी । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने केरल सरकार से राज्य के डेरी उत्पादकों को दिए जा रहे चारे पर सब्सिडी की अधिकतम सीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सब्सिडी दर “पूरी तरह से अपर्याप्त” है और इससे दुग्ध उत्पादक किसानों की बढ़ती लागत की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

कांग्रेस पार्टी की ओर से गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, वायनाड लोकसभा क्षेत्र की सांसद प्रियंका गांधी ने इस संबंध में केरल की पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री जे. चिंचू रानी को पत्र लिखकर डेरी किसानों की कठिनाइयों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

अपने पत्र में प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र सहित पूरे राज्य में डेरी उत्पादक किसान पशुओं के चारे की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, दूध उत्पादन की कुल लागत का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा चारे पर होने वाले खर्च से जुड़ा होता है।

कांग्रेस सांसद ने बताया कि चारे के उत्पादन में भारी कमी और खेती की ऊंची लागत ने डेरी उत्पादकों की स्थिति को और अधिक खराब कर दिया है। उन्होंने कहा,
“वायनाड जिले में वर्तमान में केवल लगभग 1,800 हेक्टेयर भूमि पर ही चारे की खेती हो रही है, जबकि स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए कम से कम 3,000 हेक्टेयर भूमि पर चारे की खेती की आवश्यकता है।”

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि केरल के डेरी उत्पादक किसानों को बड़ी मात्रा में पड़ोसी राज्यों से चारा खरीदना पड़ता है, जो अक्सर ऊंची कीमतों पर मिलता है और जिसकी आपूर्ति में भी व्यवधान रहता है। इसके कारण राज्य में दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में दूध उत्पादन की लागत 50 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो चुकी है, जबकि डेरी किसानों को दूध की खरीद दर मात्र 47 से 48 रुपये प्रति लीटर मिल रही है। इससे किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह चारे पर दी जाने वाली सब्सिडी की सीमा बढ़ाने के साथ-साथ डेरी उत्पादकों को राहत देने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए, ताकि इस क्षेत्र से जुड़े हजारों किसानों की आजीविका सुरक्षित की जा सके।

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