जेएनयू छात्र संघ चुनाव में 67 प्रतिशत मतदान, परिणाम 6 नवंबर को घोषित होंगे

नयी दिल्ली, 4 नवंबर : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रसंघ चुनाव में इस बार 67 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले वर्ष के 70 प्रतिशत की तुलना में थोड़ा कम है। वर्ष 2023-24 में यह मतदान 73 प्रतिशत था, जो पिछले दशक में सर्वाधिक था। छात्रों ने मंगलवार को केंद्रीय पैनल और स्कूल काउंसलर पदों के लिए वोट डाले। मतदान के दौरान ढोल की थाप, नारों की गूंज और प्रचार गीत सुनाई दिए। मतदान सुबह 9 बजे शुरू होकर शाम 5:30 बजे तक चला। दोपहर 1 बजे से 2:30 बजे तक ब्रेक लिया गया। जेएनयूएसयू चुनाव समिति के अनुसार, परिणाम 6 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान उत्साह और जोश के माहौल में सम्पन्न हुआ। पूरे परिसर में दिनभर ढोल की थाप, नारेबाज़ी और गीतों की गूंज सुनाई देती रही। छात्रों ने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया और लोकतांत्रिक परंपरा का जश्न मनाया।

मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम 5:30 बजे तक चला। दोपहर में सवा घंटे का ब्रेक रखा गया था। जेएनयूएसयू चुनाव समिति के अनुसार, जो छात्र मतदान समय तक कतार में थे, उन्हें मतदान करने की अनुमति दी गई। इस वर्ष लगभग 9,043 छात्र मतदाता सूची में शामिल हैं। परिणाम 6 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

इस बार केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों — अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव — के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव में मुख्य मुकाबला पारंपरिक रूप से ‘लेफ्ट यूनिटी’ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बीच है।

‘लेफ्ट यूनिटी’, जिसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF) शामिल हैं, ने अध्यक्ष पद के लिए अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष पद के लिए किझाकूट गोपिका बाबू, महासचिव पद के लिए सुनील यादव और संयुक्त सचिव पद के लिए दानिश अली को उम्मीदवार बनाया है।

वहीं, एबीवीपी ने अपने पैनल से विकास पटेल (अध्यक्ष), तान्या कुमारी (उपाध्यक्ष), राजेश्वर कांत दुबे (महासचिव) और अनुज (संयुक्त सचिव) को मैदान में उतारा है। एबीवीपी ने अपने प्रचार अभियान में “प्रदर्शन और राष्ट्रवाद” को प्रमुख मुद्दा बनाया, जबकि वामपंथी गठबंधन ने “समावेशिता, सुलभता और छात्र कल्याण” पर ज़ोर दिया।

जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष ने मतदान केंद्र के बाहर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “लेफ्ट यूनिटी एकजुट है और हमें विश्वास है कि इस बार भी सभी चार पदों पर जीत हमारी होगी।”

सुबह मतदान की रफ्तार धीमी रही, लेकिन दोपहर तक मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं। कई नए मतदाता पहली बार इस प्रक्रिया का हिस्सा बने।

स्नातक की छात्रा आकांक्षा (20) ने कहा, “पहली बार जेएनयू के चुनाव को करीब से देखना रोमांचक है। यहां का माहौल एक साथ जीवंत और गंभीर दोनों है।”

पिछले वर्ष के चुनाव में आइसा के नीतीश कुमार ने अध्यक्ष पद जीता था, जबकि एबीवीपी के वैभव मीणा संयुक्त सचिव बने थे।

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