जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकियों से मुठभेड़, घायल पैराट्रूपर की मौत; तलाश अभियान जारी

जम्मू-कश्मीर

जम्मू, 19 जनवरी । जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए शुरू किया गया व्यापक तलाश अभियान सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच, मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए एक पैराट्रूपर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, छात्रू क्षेत्र के मन्द्राल–सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को आतंकवाद रोधी अभियान शुरू किया गया था। इस दौरान इलाके में छिपे आतंकवादियों की गोलीबारी में आठ सैनिक घायल हो गए थे। घना जंगल, खड़ी ढलानें और दुर्गम भूभाग होने के कारण दृश्यता और आवागमन सीमित रहा, जिसके चलते रविवार देर रात अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।

घायल सैनिकों में से एक, विशेष बलों के हवलदार गजेंद्र सिंह ने 18 और 19 जनवरी की दरमियानी रात जम्मू स्थित एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और सभी रैंक विशेष बलों के हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने जारी ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सिंहपोरा क्षेत्र में आतंकवाद रोधी अभियान को बहादुरी से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।”

सेना ने आगे कहा, “हम उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण का सम्मान करते हैं और इस गहरे दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।”

अधिकारियों ने बताया कि सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कई टीमें ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से इलाके में सघन तलाश अभियान चला रही हैं। पूरे क्षेत्र में कड़ी घेराबंदी की गई है ताकि आतंकवादी भाग न सकें। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के दो से तीन आतंकवादी इलाके में छिपे हो सकते हैं। सोमवार सुबह होते ही अभियान फिर से शुरू किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा।

जम्मू स्थित सेना की व्हाइट नाइट कोर ने रविवार को बताया था कि ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान छात्रू के उत्तर-पूर्व में स्थित सोनार क्षेत्र में आतंकवादियों से सामना हुआ। सेना ने कहा कि घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और असैन्य प्रशासन व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाकर अभियान चलाया जा रहा है।

सेना ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और दुर्गम भूभाग में दुश्मन की गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब देने में सैनिकों की असाधारण दक्षता और दृढ़ संकल्प की सराहना की है।

उल्लेखनीय है कि यह इस वर्ष जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले सात और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के कहोग और नजोते जंगलों में भी मुठभेड़ की घटनाएं सामने आई थीं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *