धमतरी (छत्तीसगढ़), 23 जनवरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शुक्रवार को 47 लाख रुपये के कुल इनाम वाले नौ नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में सात महिलाएं भी शामिल हैं।
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि ये नक्सली ओडिशा से सटे धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा संभाग में सक्रिय माओवादी कमेटी की नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी तथा ‘मैनपुर लोकल गुरिल्ला स्क्वाड’ (एलजीएस) से जुड़े थे। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने माओवादी विचारधारा से निराशा व्यक्त करते हुए जंगलों में बिताए गए कठिन जीवन का उल्लेख किया।
मिश्रा के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी (28) और संभागीय समिति सदस्य उषा उर्फ बलम्मा (45) पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, रामदास मरकाम (30), रोनी उर्फ उमा (25), निरंजन उर्फ पोडिया (25), सिंधु उर्फ सोमादी (25), रीना उर्फ चिरो (25) और अमिला उर्फ सन्नी (25) पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था, जबकि लक्ष्मी पुनेम (18) पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
उन्होंने बताया कि बलम्मा तेलंगाना की रहने वाली है, जबकि अन्य नक्सली छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से संबंधित हैं। आत्मसमर्पण के दौरान पांच नक्सलियों ने दो इंसास राइफल, दो एसएलआर, एक कार्बाइन और एक बंदूक पुलिस को सौंपी।
आईजी मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने दावा किया कि रायपुर पुलिस रेंज के अंतर्गत धमतरी और गरियाबंद जिलों तथा ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में सक्रिय सभी सूचीबद्ध नक्सली या तो मारे जा चुके हैं, आत्मसमर्पण कर चुके हैं या अब इस क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं।
अधिकारी के अनुसार, इस वर्ष अब तक राज्य में कुल 189 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे पहले 19 जनवरी को गरियाबंद जिले में 45 लाख रुपये के इनामी नौ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जबकि 15 जनवरी को बीजापुर जिले में 52 नक्सलियों ने हथियार डाले थे।
केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
