बीजापुर, 15 जनवरी : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में गुरुवार को 52 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 49 नक्सलियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में 21 महिलाएं भी शामिल हैं। ये नक्सली माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी), आंध्र–ओडिशा बॉर्डर डिविजन और भामरागढ़ एरिया कमेटी (महाराष्ट्र) में सक्रिय थे।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि इन नक्सलियों ने ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि नक्सली राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं।
यादव के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वालों में डिविजनल कमेटी सदस्य लक्खू कारम उर्फ अनिल (32) तथा प्लाटून पार्टी कमेटी के सदस्य लक्ष्मी माडवी (28) और चिन्नी सोढ़ी उर्फ शांति (28) शामिल हैं, जिन पर आठ–आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।
अधिकारियों ने बताया कि 13 अन्य नक्सलियों पर पांच–पांच लाख रुपये, 19 कैडर पर दो–दो लाख रुपये और 14 कैडर पर एक–एक लाख रुपये का इनाम था। कुल 52 में से 49 नक्सलियों पर 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को तत्काल 50–50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और राज्य सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। बुधवार को पड़ोसी सुकमा जिले में 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जबकि आठ जनवरी को दंतेवाड़ा जिले में 63 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया था। सात जनवरी को भी सुकमा में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में राज्य में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लिया है।
