गत 11 वर्षों में रिकॉर्ड भर्तियां, 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियों को मंजूरी: जितेंद्र सिंह

नयी दिल्ली, 24 जनवरी । केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए रिकॉर्ड संख्या में नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पिछले 11 वर्षों के कार्यकाल में 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सरकारी सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को उम्मीदवारों के लिए अधिक पारदर्शी, कुशल और अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक सुधार किए गए हैं।

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री ने बताया कि तीन प्रमुख केंद्रीय भर्ती एजेंसियों—संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और रेलवे भर्ती बोर्ड—के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच इन एजेंसियों के जरिए कुल 7.22 लाख नियुक्तियां की गई थीं, जबकि 2014 के बाद यह संख्या बढ़कर 10.96 लाख हो गई है, जो लगभग डेढ़ गुना अधिक है।

आरक्षित श्रेणियों से संबंधित लंबित रिक्तियों का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि जहां पहले केवल 1.08 लाख नियुक्तियां हुई थीं, वहीं पिछले 11 वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग चार गुना, यानी 4.79 लाख तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई है, जिससे वर्षों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हुआ है। पहले स्थिति यह थी कि पदोन्नति लंबित रहने के कारण कई सरकारी कर्मचारी उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते थे, जिस पर उनकी नियुक्ति हुई थी।”

मंत्री ने सुरक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नीतिगत सुधारों के चलते पिछले 11 वर्षों में महिला आरक्षियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पुरुष दस्ते का नेतृत्व एक महिला सहायक कमांडेंट करेंगी।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि रोजगार मेला की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अक्टूबर 2023 को की थी, जिसका उद्देश्य सरकारी भर्तियों में तेजी लाना और भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष एवं प्रभावी बनाना है।

सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि एसएससी ने एक नया डिजिटल पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से उम्मीदवार अपनी पसंद के परीक्षा केंद्र और तिथियां चुन सकते हैं, उत्तर कुंजी प्राप्त कर सकते हैं और ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यूपीएससी ने आधार और डिजीलॉकर से जुड़ी एकीकृत एकमुश्त पंजीकरण प्रणाली लागू की है, जबकि दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए देशभर में उनकी पसंद के परीक्षा केंद्रों का आवंटन सुनिश्चित किया गया है।

इसके अलावा मंत्री ने ‘प्रतिभा सेतु’ पहल का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत अंतिम परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद नियुक्ति न पाने वाले उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के अनुरूप वैकल्पिक रोजगार अवसरों से जोड़ा जाता है।

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